कंबल के बदले लोगों से मोबाइल लेकर साइबर ठगी, बिहार के पांच आरोपित गिरफ्तार
यूपी के महाराजगंज जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कंबल व बर्तन के बदले पुराने मोबाइल फोन जुटाकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।

यूपी के महाराजगंज जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कंबल व बर्तन के बदले पुराने मोबाइल फोन जुटाकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने परतावल नहर पटरी से पांच शातिर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, मदरबोर्ड, नकदी व बाइक बरामद हुई है। इन बरामद मोबाइल व मदर बोर्ड को आरोपित कोलकाता के एक व्यक्ति को देने वाले थे।
जहां से इन मोबाइल को साइबर फ्रॉड के हॉट स्पॉट पर भेजने की योजना थी लेकिन पुलिस ने अपराधियों के मंसूबे को सफल नहीं होने दिया। पुलिस कार्यालय के तथागत सभागार में बुधवार को एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने खुलासा किया। बताया कि साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक सजनू कुमार यादव और श्यामदेउरवां थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर सफलता हासिल की।
ऐसे करते थे ठगी का इंतजाम
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि सरकार द्वारा साइबर अपराधियों द्वारा अपराध में प्रयुक्त फोन की आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए जाने के कारण वे बार बार नई मोबाइल फोन नहीं खरीद पा रहे थे। इस वजह से वे नया तरीका अपनाया। गांव गांव घूम कर पुराने मोबाइल के बदले कम्बल या अन्य सामान देकर मोबाइल इकट्ठा करते थे। इसके बाद इन मोबाइलों को कोलकाता ले जाकर अपने साथी को बेच देते थे। वहां से ये फोन साइबर अपराधियों तक पहुंचते थे, जो इनके मदरबोर्ड में मौजूद आईएमईआई नंबर का इस्तेमाल कर ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग व फर्जी कॉलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे।
अस्सी लाख का मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से अस्सी लाख रुपए मूल्य के 318 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 110 मोबाइल मदरबोर्ड, पांच मोबाइल फोन, 5700 रुपये नकद व पांच मोटरसाइकिल बरामद की हैं। एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि बरामद मोबाइलों के आईएमईआई का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है।
बिहार के रहने वाले हैं सभी आरोपी
गिरफ्तार आरोपितों में विकेश कुमार, रमाकांत साहनी, बृजबिहारी, मुन्ना कुमार व रामदरश शामिल हैं। सभी बिहार के पूर्वी चंपारण व आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। गिरोह के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। आरोपितों ने बताया कि पांच अप्रैल से वे श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल में रह रहे थे। मुन्ना कुमार मास्टरमाइंड व मुखिया है। एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच में जुटी है। साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पुराने मोबाइल फोन बेचते समय सावधानी बरतें और केवल अधिकृत या विश्वसनीय माध्यम से ही लेन-देन करें।
खुलासा करने वाली टीम में यह रहे शामिल
खुलासा करने वाली टीम ने साइबर क्राइम थाना के प्रभारी निरीक्षक सजनू कुमार यादव, श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह, चौकी इंचार्ज परतावल अमित कुमार सिंह, एसआई अक्षय कुमार सहित सिंह, साइबर थाना के एसआई अमित यादव, हेड कांस्टेबल प्रफुल्ल कुमार यादव, कांस्टेबल उमेश यादव, संतोष शर्मा, प्रमोद यादव आदि शामिल रहे।
लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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