इतना प्रचार फिर भी दो पूर्व अफसर डिजिटल अरेस्ट, साइबर ठगों के झांसे में गंवाए 1.30 करोड़
सोशल मीडिया, टीवी, रेडियो, अखबार और यहां तक कि मोबाइल की कॉलर ट्यून भी चीख-चीख कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट से सतर्क रहने की जानकारी देती है। इसके बावजूद लखनऊ में दो पढ़े-लिखे बुजुर्ग दंपति साइबर जालसाजों के झांसे में आ गए और 1.30 करोड़ रुपये गंवा बैठे।

पुलिस, सीबीआई, एनआईए समेत देश की कोई भी जांच एजेंसी किसी को भी डिजिटल अरेस्ट नहीं कर सकती। सोशल मीडिया, टीवी, रेडियो, अखबार और यहां तक कि मोबाइल की कॉलर ट्यून भी चीख-चीख कर लोगों को यह जानकारी देती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल ‘साइबर दोस्त’से सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्मों पर जागरूकता फैलाई जा रही है। इसके बावजूद लखनऊ में दो पढ़े-लिखे बुजुर्ग दंपति साइबर जालसाजों के झांसे में आ गए और 1.30 करोड़ रुपये गंवा बैठे।
रिटायर जेई, एलआईसी अधिकारी बने शिकार
यूपी के लखनऊ में साइबर जालसाजों ने दो अलग-अलग मामलों में डिजिटल अरेस्ट कर 1.30 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। बिजली विभाग से रिटायर जेई वीरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी को ढाई महीने डिजिटल अरेस्ट रखा और 1.18 करोड़ रुपये ठग लिए। वे गुड़ंबा के कंचना विहारी मार्ग पर अवध एन्क्लेव में रहते हैं। वहीं, आईआईटी दिल्ली में डिजाइन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सौरभ तिवारी के वृद्ध माता-पिता को तीन दिन डिजिटल अरेस्ट रख 12.90 लाख रुपये ठग लिए। प्रोफेसर के माता-पिता इंदिरानगर सी ब्लॉक में रहते हैं। साइबर थाने में दोनों मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना ब्रजेश कुमार यादव के मुताबिक 71 वर्ष के रिटायर जेई ने तहरीर में बताया कि 15 दिसंबर को उनके पास एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण का संजय शर्मा बताया। कहा कि आपके खिलाफ मनी लांड्रिंग के 17 केस सीबीआई में दर्ज हैं। जेल भेजा जाएगा। कथित रूप से दिल्ली बाराखंभा पुलिस के नंबर दिए। उन पर फोन किया तो उन्हें पहले दिल्ली बुलाया गया। बाद में कहा कि घर से ही बात करो। घर-परिवार की जानकारी ली। पत्नी के बारे में बताया तो उनसे भी बात की।
फिर दोनों को डिजिटल अरेस्ट कर बैंक खातों, आधार कार्ड, पैन कार्ड और निवेश आदि की जानकारी ली। इसके बाद खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले प्रदीप कुमार की वीडियो कॉल आई। उसने कहा कि किसी से कुछ बताने की जरूरत नहीं है। सर्विलांस से आप पर हमारी नजर है। इसके बाद 16 जनवरी से 27 फरवरी तक कई बैंक खातों में 1,17,90,000 रुपये ट्रांसफर कराए। जब एक रुपया नहीं बचा और रोने लगे तो जालसाजों ने कहा कि जमानत की रकम की व्यवस्था करो और फोन काट दिया। इसके बाद परिवारीजनों को जानकारी दी।
वीडियो कॉल पर कोर्ट लगाई जेल भेजने की दी थी धमकी
मनी लांड्रिंग के 17 मुकदमों में जेल भेजने की धमकी से डर गया था। जालसाजों ने वीडियो कॉल पर ही कोर्ट लगा दी। एक कमरे में जज और अधिकारी बैठे दिखाई दे रहे थे। ऐसा माहौल था कि जालसाजों की किसी बात का विरोध ही नहीं कर सका और रकम उनके खातों में ट्रांसफर करता गया। यह जानकारी डिजिटल अरेस्ट गिरोह के शिकार हुए रिटायर जेई वीरेंद्र सिंह ने इंस्पेक्टर साइबर थाना को दी।
इंस्पेक्टर के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वीरेंद्र सिंह रोने लगे। वे बेहद तनाव में और डरे हुए थे। उन्होंने बताया कि जीवन भर कोई गलत काम नहीं किया न ही कोई आरोप लगा। बुढ़ापे में जेल जाने और बदनामी से डर गए थे। 17 मुकदमों की धमकी बहुत बड़ी थी। कुछ समझ नहीं आ रहा था। जालसाजों ने गिरफ्तारी का वारंट भी व्हाट्सऐप पर भेजा था। इसलिए जालसाजों की मांग पर रुपये कम पड़े तो परिचितों से उधार लिया। घर के गहने भी गिरवी रख दिए।
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Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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