
मोबाइल चलाने पर रोक लगाने से आहत छात्र ने की खुदकुशी, कम नंबर आने पर परिजनों ने लगाई थी पाबंदी
लखनऊ में मोबाइल इस्तेमाल पर रोक लगाने से आहत 16 वर्षीय छात्र आर्यन जायसवाल ने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। परिजन उसे सुबह स्कूल भेजने के लिए उठाने गए थे, तब यह घटना सामने आई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।
यूपी के लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां जानकीपुरम सेक्टर सी में मोबाइल इस्तेमाल पर रोक लगाने से आहत छात्रा ने कमरे में फंदे से लटक कर जान गंवा दी। उधर, सूचना मिलने पुलिस ने मौके पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल में जुट गई।
जानकीपुरम का रहने वाला 16 वर्षीय आर्यन जायसवाल एक निजी स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था। उसके पिता महेंद्र जायसवाल ने बताया सोमवार शाम खाने के बाद आर्यन अपने कमरे में सोने के लिए चला गया। सुबह जब स्कूल जाने के लिए उसे उठाने के लिए परिजन कमरे में गए, तो वह फंदे से लटक रहा था। आनद-फानन में उसे उतार कर अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक छात्र के टेस्ट में नंबर कुछ काम आए थे। जिसकी वजह से परिजनों ने उसको समझाया था और मोबाइल इस्तेमाल करने से मना किया था। इसी से आहत होकर उसने खुदकुशी कर ली। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच पड़ताल की जा रही है।
परीक्षा देकर लौटे बीएससी के छात्र ने फांसी लगाई
उधर, बाजारखाला में सोमवार को बीएससी फाइनल ईयर के छात्र ने कमरे में फंदे से लटक कर जान दे दी। छात्र सुबह परीक्षा देकर लौटा था। पुलिस का कहना है कि छात्र अवसाद में था। इस कारण खुदकुशी कर ली है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पुलिस के मुताबिक, नगराम के केवली गांव निवासी गौरव वर्मा मां दीप्ति के साथ बाजारखाला स्थित पुराना टिकैतगंज में किराए के मकान में रहता था। चचेरे भाई आलोक वर्मा के मुताबिक गौरव क्रिश्चियन कॉलेज के बीएससी फाइनल ईयर के छात्र थे। उनकी मां एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करती थीं और गौरव पढ़ाई के साथ बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाता था। उसके पिता वेद प्रकाश गांव में रहते हैं। सोमवार सुबह गौरव फाइनल ईयर की स्कूल में चल रही परीक्षा देने गया था और मां दीप्ति ड्यूटी पर थी। दोपहर 12 बजे एग्जाम देकर घर लौटे गौरव ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। थोड़ी देर बाद मकान में रह रहे दूसरे किराएदार को गौरव से कोई काम था। जिसके चलते उसने कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई प्रतिक्रिया न आने से उसने खिड़की से झांक कर देखा तो गौरव कुंडे से फंदे पर लटक कर रहा था।





