
राम मनोहर लोहिया विवि दीक्षांत समारोह पहुंचे योगी, कहा- न्याय व्यवस्था से पूरा होगा सुशासन का लक्ष्य
राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आज मेधा को सम्मान दिया गया। विवि ने चौथा दीक्षांत समारोह आयोजित किया। 309 डिग्रियां और 21 पदक स्वर्ण, रजत, कांस्य व स्मृति पदक प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपाधि प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए इसे गौरव का क्षण बताया।
राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आज मेधा को सम्मान दिया गया। विवि ने चौथा दीक्षांत समारोह आयोजित किया। 309 डिग्रियां और 21 पदक स्वर्ण, रजत, कांस्य व स्मृति पदक प्रदान किए गए। इसमें अलग-अलग पाठ्यक्रमों समेत 24 पीएचडी की डिग्रियां शामिल हैं। इस वर्ष विद्यार्थियों के लिए कई विशेष स्मृति पदकों की व्यवस्था की गई।
न्याय व्यवस्था मजबूत होगी तो सुशासन का लक्ष्य जल्दी पूरा होगा: मुख्यमंत्री
डॉ राममनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह में 21 मेधावियों को पदक एवं 309 विद्यार्थियों को उपाधि दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपाधि प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए इसे गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा उपदेश सत्य बोलना, धर्म का आचरण करना
भारत के हर स्नातक के लिए अनिवार्य है। न्यायिक व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने में उतनी ही आसानी होगी। सुशासन जिसे प्राचीन काल में रामराज्य कहते थे। इस व्यवस्था को और सशक्त बनाने का किया जा रहा है।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि नवनियुक्त सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कोई भी केस जीतने या लड़ने में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण न्याय मिलना होता है। उन्होंने नए विधि स्नातकों से कहा कि अपने काम के दौरान खुद से पूछे गए सवाल सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते है। आपकी तैयारी क्या ठीक थी..? क्या मैने बहस सही से की..? ये सवाल हमारी कमियों को दूर करते है। उन्होंने विधि स्नातकों को अतिआत्मविश्वास से बचने की सलाह देते हुए कहा कि एक बार मैं खुद अतिआत्मविश्वास की वजह से एक केस हार गया था, उसके बाद से नोट बुक रखना शुरू की।
समारोह में जस्टिस विक्रमणाथ ने कहा कि खूब मेहनत करिए, ईमानदारी से काम करिए और खुश रहिए ये तीन काम करेंगे तो जीवन में कामयाब रहेंगे। इस मौके विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अमरपाल सिंह, न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, विधायक राजेश्वर सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय समेत अन्य मौजूद रहे।
इन्हें मिले विशेष स्वर्ण
स्वर्ण यति को प्रदीप कुमार अग्रवाल गोल्ड, मुस्कान शुक्ला को न्यायमूर्ति ओपी प्रधान मेमोरियल स्वर्ण, दर्शिका पांडेय को पद्मावती मोहनलाल स्वर्ण और वीरेंद्र भाटिया स्वर्ण, धीरज दिवाकर को एम्बिशन लॉ इंस्टीट्यूट गोल्ड, अभ्युदय प्रताप को केके लूथरा मेमोरियल एडवोकेसी गोल्ड मिला।





