KGMU अस्पताल में आग के बाद बच्चों को सीने से चिपकाकर दौड़े, पीडियाट्रिक वार्ड से 50 बच्चे निकाले
केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के बेसमेंट में गुरुवार देर रात शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में धुआं भर जाने से भर्ती बच्चों को बाहर निकाला गया। शुक्रवार को उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया।

यूपी की राजधानी लखनऊ में स्थित केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के बेसमेंट में गुरुवार देर रात बिजली के पैनल में शॉर्ट सर्किट के बाद आग लग गई। डक्ट और खिड़कियों के रास्ते धुआं पहली मंजिल स्थित पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड तक पहुंच गया। कुछ ही देर में वार्ड धुएं से भर गया। यहां भर्ती करीब 50 बच्चों को डॉक्टरों, कर्मचारियों और तीमारदारों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। आईसीयू में भर्ती बच्चों को भी एहतियातन दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया। घटना के बाद करीब तीन घंटे बचाव अभियान चलता रहा।
बच्चों को सीने से चिपकाकर दौड़े
केजीएमयू में गुरुवार रात करीब एक बजे थे। पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में भर्ती मासूम बच्चे अपने माता-पिता के साथ गहरी नींद में थे। किसी बच्चे के हाथ में ड्रिप लगी थी, कोई ऑक्सीजन के सहारे था। तो किसी का कुछ घंटे पहले ही ऑपरेशन हुआ था। तभी अचानक वार्ड में सो रहे लोगों की सांसें फूलने लगीं। बच्चे खांसने लगे। आंखें खुलीं तो चारों तरफ काला धुआं फैला हुआ था। डॉक्टर और कर्मचारी वार्ड में दौड़ते हुए पहुंचे। आवाज लगाई, जल्दी बच्चों को लेकर बाहर निकलो, आग लग गई है। इतना सुनते ही वार्ड में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। माता-पिता बिना कुछ सोचे बच्चों को सीने से चिपकाकर सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ पड़े। कोई नई पीडियाट्रिक सर्जरी बिल्डिंग की सीढ़ियों से बाहर निकला तो कोई न्यूरो सर्जरी ब्लॉक की ओर बने रास्ते से नीचे उतरा। कई लोग जनरल सर्जरी विभाग के मुख्य द्वार से बाहर पहुंचे।
जनरल सर्जरी विभाग के बेसमेंट में लगे बिजली के पैनल में अचानक तेज धमाके के साथ शॉर्ट सर्किट हुआ था। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षाकर्मियों और तीमारदारों ने करीब 50 बच्चों को सुरक्षित निकाला। आईसीयू में भर्ती बच्चों को भी दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया। बिजली आपूर्ति बंद होने से कुछ समय के लिए वार्ड में अंधेरा छा गया। घटना की सूचना पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई। रातभर अफरातफरी का माहौल बना रहा। नियोनेटल वार्ड में 10 बच्चे भर्ती थे। वहीं पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में 13 बच्चों का इलाज चल रहा था। इनका सुबह ऑपरेशन हुआ था।
फायर अलार्म नहीं बजा
घटना के बाद फायर सेफ्टी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तीमारदारों का आरोप है कि न तो फायर अलार्म बजा और न ही फायर फाइटिंग सिस्टम सक्रिय हुआ। यदि समय रहते अलार्म बज जाता तो मरीजों और तीमारदारों को पहले ही सतर्क किया जा सकता था। करोड़ों खर्च कर लगाए गए फायर सेफ्टी उपकरण काम ही नहीं आए।
आर्थोपेडिक सर्जरी वार्ड धुएं से भरा, अफरातफरी
केजीएमयू के आर्थोपैडिक्स सर्जरी ब्लॉक के दूसरे तल के वार्ड में शुक्रवार सुबह दीवार के पंखे में शॉर्ट सर्किट होने से धुआं फैल गया। सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने तत्काल मरीजों को पास के वार्डों में स्थानांतरित कर दिया। जिस आर्थोपेडिक सर्जरी वार्ड में घटना हुई, वहां 20 बेड हैं। अधिकांश बेड पर मरीज भर्ती थे। धुआं फैलते ही डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया। मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की मदद से नजदीकी वार्डों में शिफ्ट किया गया। आर्थोपैडिक्स सर्जरी विभाग के इस तल पर चार वार्ड आपस में जुड़े हैं, जिनमें कुल 66 बेड संचालित हैं। प्रशासन ने एहतियातन आसपास के वार्डों के मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की। अस्पताल प्रशासन ने विद्युत व्यवस्था की जांच शुरू करा दी है।
तेज धमाके के बाद डक्ट और खिड़कियों से बरा धुआं
1 बजे रात- बेसमेंट के बिजली पैनल में शॉर्ट सर्किट हुआ
1.20 बजे रात- तेज धमाके के बाद डक्ट और खिड़कियों से धुआं पहली मंजिल तक पहुंचा
1.25 बजे रात- फायर ब्रिगेड पहुंची, तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया
1.30 बजे रात- पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड धुएं से भर गया
1.45 बजे रात- डॉक्टरों और कर्मचारियों ने वार्ड खाली कराया
2.30 बजे रात- करीब 50 बच्चों और आईसीयू के मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया
प्रवक्ता, केजीएमयू, डॉ. केके सिंह ने कहा कि हादसे में कोई बच्चा या तीमारदार घायल नहीं हुआ। सुरक्षा कारणों से बच्चों को रात में दूसरे वार्डों में रखा गया। शुक्रवार को स्थिति सामान्य होने के बाद पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में शिफ्ट किया।
केजीएमयू में फायर सेफ्टी होगी मजबूत
केजीएमयू प्रशासन ने फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने शुक्रवार को फायर सेफ्टी से जुड़े अधिकारियों और संबंधित विभागों के जिम्मेदारों के साथ बैठक की। उन्होंने अस्पताल के सभी भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल जांच कराने और जहां भी कमियां हों, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए। फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, फायर फाइटिंग सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट व मॉक ड्रिल को कहा।


