
टीन-बैरियर लगाकर जेपीएनआईसी का रास्ता बंद, अखिलेश यादव के आने से पहले इलाका बनाया छावनी
यूपी की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार की देर रात अचानक सुरक्षा कड़ी कर दी गई। ये सुरक्षा गोमतीनगर स्थित जयप्रकाश इंटरनेशनल सेंटर, जेपीएनआईसी के बाहर दिखी। साथ ही जेपीएनआईसी का रास्ता भी बंद कर दिया गया। अखिलेश यादव की पहुंचने की संभावना पर सुरक्षा कड़ी की गई।
यूपी की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार की देर रात अचानक सुरक्षा कड़ी कर दी गई। ये सुरक्षा गोमतीनगर स्थित जयप्रकाश इंटरनेशनल सेंटर, जेपीएनआईसी के बाहर दिखी। साथ ही जेपीएनआईसी का रास्ता भी बंद कर दिया गया। यहां तक की टीन और बैरियर लगा दिए गए। ये सभी इंतजाम किए गए हैं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को रोकने के लिए। दरअसल, संभावना जताई जा रही थी कि पिछले साल की तरह इस साल भी अखिलेश जेपीएनआईसी पहुंच सकते हैं। इसी कारण सुरक्षा के इंतजाम किए गए।
जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के जेपीएनआईसी पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया। शनिवार सुबह से ही जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई और मुख्य सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया।
पुलिस को अखिलेश यादव के मूर्ति स्थल पर माला अर्पण करने के कार्यक्रम की जानकारी मिली थी, जिसके बाद तत्काल सुरक्षा बढ़ा दी गई। केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार को तीन लेयर की बैरिकेडिंग से बंद कर दिया गया है। आम लोगों को तो दूर, मीडिया और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
इससे पहले शुक्रवार देर रात समाजवादी छात्र सभा के दो नेता किसी तरह अंदर पहुंच गए थे और उन्होंने जेपी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया था। सुबह होते-होते उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इसके बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया और पूरे जेपीएनआईसी परिसर के बाहर का इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया।
सुबह से ही इलाके में पुलिस की कई गाड़ियां तैनात हैं और आने-जाने वाले हर वाहन को रोककर जांच की जा रही है। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रशासन ने यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए की है।





