
महिला की अस्पताल में मौत, शरीर पर चोट के निशान, पति और ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का केस
लखनऊ में विवाहिता की मौत पर व्यवसायी पति और ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। मामला कानपुर रोड के एलडीए कॉलोनी में सेक्टर-डी में कारोबारी की पत्नी की मौत का है। मुकदमा दर्ज होने के बाद मायके पक्ष ने पोस्टमार्टम के लिए शव भेजवाया है।
यूपी के लखनऊ में कृष्णानगर इलाके में एलडीए कॉलोनी सेक्टर डी में निकिता (27) की मौत के मामले में सोमवार को उनके कारोबारी पति पार्थ महाना, सास और ननद समेत अन्य ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। दरअसल निकिता के मायकेपक्ष के लोग जिद पर अड़े थे कि जबतक मुकदमा दर्ज नहीं होगा वह शव पोस्टमार्टम के लिए जाने नहीं देंगे।

मुकदमा निकिता के पिता राजेश महाना ने दर्ज कराया है। राजेश महाना दिल्ली के मालवीयनगर में रहते हैं और व्यवसायी हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2022 में बेटी का विवाह उन्होंने पार्थ के साथ किया था। 15 लाख रुपये के गहने दहेज में दिए थे। इसके अलावा करीब 25 लाख रुपये और दिए गए थे। शादी के बाद से अकसर दहेज की मांग को लेकर पार्थ उनकी मां, पिता और बहन बेटी को परेशान करते रहते थे। कई बार उनकी मांग पूरी भी की गई।
19 अक्तूबर को पार्थ ने फोन कर तड़के बताया कि बेटी की तबियत खराब है। जब पहुंचे तो अपोलो अस्पताल में वह मृत अवस्था में मिली। बेटी के शरीर पर चोट के निशान थे। अस्पताल में कोई भी व्यक्ति ससुराल की ओर से नहीं मिला। निकिता के परिवारीजन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर अड़े रहे।
मुकदमा दर्ज न होने तक उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था। इसके बाद वह उच्चाधिकारियों से मिले। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पार्थ और उसके घरवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।





