गड्ढे में गिरा मासूम, तीन अस्पतालों में भटके परिजन नहीं बची जान, घंटों भटकी यूपी पुलिस
लखनऊ में एक मासूम गड्ढे में गिर गया। परिजन उसे लेकर तीन अस्पतालों में भटके लेकिन उसकी जान नहीं बची। उन्हें ढूंढने को घटना के तीन घंटे तक भटकती रही पुलिस। सर्विलांस पर फोन नम्बर डालने के बाद पुलिस को घर की लोकेशन मिली।

यूपी की राजधानी लखनऊ में बीबीडी इलाके में शनिवार शाम पांच साल के बच्चे हर्षित की गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। बच्चा दोस्त के साथ टॉयलेट करने गया था, तभी फिसलकर नाली के पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। परिजन उसे लेकर अस्पताल भागे। परिजन पहले उसे चिनहट सीएचसी ले गए, वहां से लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। आरोप है कि लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों ने देखने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन शहीद पथ स्थित मातृ व शिशु अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।
डीह गांव निवासी बृजेश चौरसिया मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। वह वर्तमान में दुबई में हैं। परिजनों ने बताया कि बृजेश के दो बेटे हैं। यहां पर पत्नी कुसुम अपने बड़े बेटे उज्ज्वल और छोटे बेटे हर्षित (5) के साथ रहती हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार को पड़ोस में सुधा पाण्डेय के घर में श्रीसत्यनारायण कथा चल रही थी। कुसुम बच्चों के साथ वहां गई थी। इसी दौरान हर्षित और उसका दोस्त नंदीश तिवारी आरती के समय टॉयलेट करने के लिए घर के पीछे चले गए। वहां एक पेड़ उखड़ जाने से लगभग चार फीट गड्ढा हो गया था। उसमें नाली और बारिश का पानी भरा हुआ था।
टॉयलेट के दौरान हर्षित का पैर फिसल गया। नंदीश दौड़कर दादी के पास पहुंचा और घटना की पूरी जानकारी दी। बच्चे को गड्ढे से बाहर निकाला गया। उसकी सांसें चल रही थीं। परिजन चिनहट सीएचसी ले गए, वहां से लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों ने देखने से मना कर दिया। परेशान परिजन शहीद पथ स्थित मातृ व शिशु अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन पुलिस को सूचना देता परिजन शव लेकर घर चले गए।
फाटक 20 मिनट बंद, बाइक मांगकर अस्पताल ले गए
हर्षित को बचाने के लिए परिजन कार से अस्पताल भागे, लेकिन टेरा रेलवे क्रॉसिंग का बंद फाटक 20 मिनट तक नहीं खुला । परिजन बताते हैं कि 20 मिनट तक इंतजार के बाद दूसरी तरफ से बाइक मंगाई और बच्चे को बाइक पर लेकर सीएचसी पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्रॉसिंग पर अक्सर लंबा जाम लगता है, जो इमरजेंसी में जानलेवा बन जाता है।
घटना की सूचना के बाद पुलिस सही लोकेशन नहीं ढूंढ पाई। चिनहट पुलिस ने परिजनों का नंबर ट्रेस किया, लेकिन फोन नहीं उठा। सर्विलांस पर फोन नम्बर डालने के बाद लोकेशन की जानकारी मिली। करीब 3 घंटे बाद शाम 7:15 बजे चिनहट पुलिस पहुंची, तब पता चला कि घटनास्थल बीबीडी थाना क्षेत्र में है। पुलिस पहुंची तो परिजन शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे।


