दर्दनाक! बचपन डे केयर सेंटर के गेट के नीचे दबकर मासूम की मौत, झूला झूलने के लिए चढ़ते ही टूटकर गिरा
यूपी के लखनऊ में एक दर्दनाक हादसा हो गया। निशातगंज में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की लापरवाही कहें या अनदेखी जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। विभाग की ओर से संचालित ‘बचपन डे केयर सेंटर’ का लोहे का मुख्य गेट गिरने से आठ वर्षीय बच्चे शिवा की दबकर दर्दनाक मौत हो गई।

यूपी के लखनऊ में एक दर्दनाक हादसा हो गया। निशातगंज में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की लापरवाही कहें या अनदेखी जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। विभाग की ओर से संचालित ‘बचपन डे केयर सेंटर’ का लोहे का मुख्य गेट गिरने से आठ वर्षीय बच्चे शिवा की दबकर दर्दनाक मौत हो गई। मासूम शिवा गेट पर लटककर झूला झूल रहा था। तभी गेट गिर गया। लोगों ने उसे गेट के नीचे से निकालकर लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल की चौखट तक पहुंचते-पहुंचते जिंदगी जंग हार चुकी थी। डॉक्टरों ने जैसे ही उसकी थमी हुई सांसों की पुष्टि की, परिवार में कोहराम मच गया।
परिजन मृत बच्चे को लेकर लौटे और सेंटर के गेट पर ही शव रखकर विरोध शुरू कर दिया। पुलिस को भी घटना की जानकारी हुई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची महानगर पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने परिजनों को मुआवजा देने समेत अन्य आश्वासन देकर शांत करवाया। फिर शिवा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
नानी के घर आया था मासूम : मूल रूप से बहराइच के बंजारी मोड़ धन्नी पुरवा निवासी विक्रम कुमार चेन्नई में निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी ललिता बेटे शिवा (आठ), रितिक व दुधमुंही बेटी परी और जेठ के दो बच्चों को लेकर चार दिन पहले निशातगंज स्थित जेबीटीसी परिसर निवासी मां मीना देवी के घर आई थी। नानी के घर के बाहर दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से संचालित बचपन डे केयर सेंटर, कार्यालय उप निदेशक और दृष्टिबाधित छात्राओं का हॉस्टल है।
जर्जर हो चुके एंगल पर लटका भर था गेट
मामा राहुल कश्यप और परिजनों ने आरोप लगाया कि डे केयर सेंटर का भारी-भरकम गेट सिर्फ दो कमजोर एंगलों के सहारे टिका था। लोहा गलने से वह जर्जर हो गया था। गेट कई दिन से हिल रहा था, लेकिन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अफसरों ने गेट को सही नहीं करवाया। बार-बार अनदेखी के कारण आखिरकार यह गेट उनके मासूम बच्चे का काल बन गया। परिजनों ने यह भी कहा कि यदि सेंटर खुला होता तो अन्य बच्चे भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
मुआवजा देने और जांच के वादे पर माने प्रदर्शनकारी
परिजन शव लेकर घर आए तो कोहराम मच गया। फिर परिजनों ने सेंटर गेट पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू किया। कुछ देर में घटना स्थल पर एसडीएम सदर मनोज सिंह और महानगर पुलिस पहुंची। परिजनों को परिजनों को शांत करा मुआवजा देने और गेट टूटने की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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