
UP में SIR के दबाव में शादी से एक दिन पहले लेखपाल ने जान दी, प्रशासनिक अमले में हड़कंप
यूपी में मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान यानी SIR में लगाए गए लेखपाल ने अपनी शादी से एक दिन पहले फांसी लगाकर जान दे दी है। एसआईआर के कारण लेखपाल को अपनी शादी में भी छुट्टी नहीं मिल रही थी। एक दिन पहले कानूनगो लेखपाल के घर पर आकर धमकी देकर गए थे। लेखपाल की मौत से प्रशानिक अमले में हड़कंप मचा है।
यूपी के फतेहपुर में मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) में लगे एक लेखपाल ने अपनी शादी से एक दिन पहले फांसी लगाकर जान दे दी है। परिजनों का आरोप है कि एसआईआर के काम के दबाव में फांसी लगाई है। मंगलवार सुबह कानूनगो घर पहुंचे थे और शादी के बीच भी काम करने का दबाव बना रहे थे। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। मामला बिंदकी कोतवाली के खजुहा कस्बे का है। शादी से ठीक पहले जवान बेटे की इस तरह मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वही, एसआईआर के दबाव में लेखपाल की मौत से प्रशानिक अमले में हड़कंप मचा है।

खजुहा कस्बा निवासी रामलाल कोरी का 25 वर्षीय बेटा सुधीर लेखपाल के पद पर तैनात था। उसकी पड़ोसी गांव सीतापुर में शादी तय थी। बुधवार यानी 26 नवंबर को बारात जानी थी। मंगलवार को मातृ पूजन (मेहंदी) का कार्यक्रम था। घर में नाते रिश्तेदार मौजूद थे। शादी की तैयारियां धूमधाम से चल रही थीं। इसी बीच मंगलवार सुबह लेखपाल ने घर के अंदर ही फांसी लगा ली।
परिजनों ने आरोप लगाया कि सुधीर की ड्यूटी एसआईआर में सुपरवाइजर के तौर पर लगी थी। शादी की तैयारियों के बीच भी सुधीर पर काम का दबाव था। अपनी ही शादी होने के बाद भी छुट्टी नहीं मिल रही थी। उस पर काम का दबाव बनाया जा रहा था। इसी बीच लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए सोमवार को निलंबित कर दिया गया था। मंगलवार सुबह कानून गो उसके घर पहुंचे थे और फिर से काम का दबाव बना रहे थे।
कानून गो के जाने के कुछ देर बाद ही लेखपाल कमरे में गया और फांसी लगाकर जान दे दी। कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि परिजन काम के दबाव में फांसी लगाने की बात कह रहे है। तहरीर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
एसआईआर के दबाव में जान देने की खबर से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। एक दिन पहले ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अभियान में लगे कर्मचारियों का मामला उठाते हुए बीएलओ के नाम एक्स पर चिट्ठी लिखी थी। ऐसे में मामले के राजनीति रंग लेने की भी आशंका हो रही है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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