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केजीएमयू में धर्मांतरण गैंग के भंडाफोड़ के बाद फैसला, 40 पार के एमबीबीएस अब नहीं बनेंगे जूनियर रेजीडेंट

केजीएमयू में धर्मांतरण गैंग के भंडाफोड़ के बाद फैसला, 40 पार के एमबीबीएस अब नहीं बनेंगे जूनियर रेजीडेंट

संक्षेप:

लखनऊ के केजीएमयू में नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट (जेआर) डॉक्टरों की भर्ती में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 40 साल से अधिक उम्र के एमबीबीएस पास की भर्ती नान पीजी जूनियर रेजिडेंट के पद पर नहीं की जाएगी। इसका आदेश जारी कर दिया गया है।

Jan 17, 2026 06:12 am ISTSrishti Kunj रजनीश रस्तोगी, लखनऊ
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लखनऊ के केजीएमयू में नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट (जेआर) डॉक्टरों की भर्ती में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 40 साल से अधिक उम्र के एमबीबीएस पास की भर्ती नान पीजी जूनियर रेजिडेंट के पद पर नहीं की जाएगी। इसका आदेश जारी कर दिया गया है। नए नियमों के तहत पहली बार 17 जनवरी को नॉन पीजी जेआर की भर्ती साक्षात्कार हैं।

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केजीएमयू में अब नॉन पीजी जेआर की भर्ती दिल्ली एम्स के नियमों के तहत की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि केजीएमयू में करीब 250 नॉन पीजी जेआर के पद हैं। अभी तक उम्र से लेकर काम करने तक की कोई समय सीमा नहीं थी। नतीजतन कोई नॉन पीजी जेआर के पद पर पांच साल से काम कर रहा था तो कोई आठ साल से। इसकी वजह से नए एमबीबीएस डॉक्टरों को मौका भी नहीं मिल पा रहा है।

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अब केजीएमयू में 18 माह के लिए ही नॉन पीजी जेआर की भर्ती की जाएगी। एमबीबीएस इंटरशिप पूरी करने की तारीख से लेकर पांच साल के भीतर तक वालों को ही मौका दिया जाएगा। 40 साल से अधिक उम्र के एमबीबीएस डॉक्टर को इस पद पर नहीं रखा जाएगा।

हिंदू धर्मगुरुओं के हत्यारोपी से फंडिंग के तार खंगाले

एजेंसियों ने रमीज के तार हिंदू धर्मगुरुओं के हत्यारोपी रजा से जुड़े होने की आशंका है। दरअसल रजा को एटीएस ने केरल से गिरफ्तार किया था। रजा से पता चला था कि वह धर्मांतरण में लगे मुस्लिम संगठनों को फंडिंग करता है। रजा और उसके गिरोह पर हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या करने का आरोप था। उसके खिलाफ साक्ष्य भी एटीएस को मिले थे। एजेंसियां जांच कर रही हैं कि फरारी के दौरान जो लाखों रुपये रमीज के खाते में आए वह कहीं रजा के गिरोह से तो नहीं फंडिंग हुए थे। रजा मूल रूप से फतेहपुर का रहने वाला है।

काजी की तलाश में तलाश में तीन राज्यों में छापेमारी

उधर, चौक पुलिस के साथ ही एजेंसियां आगरा की पीड़ित महिला डॉक्टर का पीलीभीत न्योरिया में धर्मांतरण कराकर निकाह कराने वाले काजी जाहिद की तलाश में दबिश दे रही हैं। माना जा रहा है कि जाहिद के मिलने के बाद गिरोह के नेटवर्क के बारे में कई अहम जानकारियां मिलेंगी। उसकी तलाश में टीमें दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिम यूपी समेत अन्य जिलों में दबिश दे रही हैं।

Srishti Kunj

लेखक के बारे में

Srishti Kunj

सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। सृष्टि ने इंडिया न्यूज के साथ भी लंबे समय तक काम किया। 2020 से वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं।

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