इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मिलती थी केजीएमयू की डिग्री, आधुनिक चिकित्सा शिक्षा को किया मजबूत
पूरब का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के बीच रहा ऐतिहासिक संबंध, जो आज भी शिक्षा जगत में गौरव के साथ याद किया जाता है।

प्रयागराज की शैक्षिक परंपरा केवल साहित्य, कानून और प्रशासन तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि देश की चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसका एक प्रमुख उदाहरण है पूरब का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के बीच रहा ऐतिहासिक संबंध, जो आज भी शिक्षा जगत में गौरव के साथ याद किया जाता है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास के पूर्व अध्यक्ष एवं जाने-माने इतिहासकार प्रो. योगेश्वर तिवारी बताते हैं कि लखनऊ में स्थित केजीएमयू की स्थापना वर्ष 1906 में उस समय किंग जॉर्ज पंचम के नाम पर ‘किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज’ के रूप में की गई थी। उस दौर में देश में उच्च चिकित्सा शिक्षा के संस्थान बहुत कम थे और विश्वविद्यालयों से संबद्धता के माध्यम से ही डिग्रियां प्रदान की जाती थीं। इसी क्रम में किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज को प्रतिष्ठित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध किया गया था।
वर्ष 1906 से लेकर 1921 तक करीब 15 वर्षों तक यह मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा। इस दौरान कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद डिग्रियां इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नाम से ही जारी की जाती थीं। उस समय इलाहाबाद विश्वविद्यालय देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, इसलिए उससे संबद्धता भी बेहद सम्मानजनक मानी जाती थी।
इतिहासकारों के अनुसार, इस संबद्धता ने उत्तर भारत में आधुनिक चिकित्सा शिक्षा को मजबूत आधार देने में अहम भूमिका निभाई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मार्गदर्शन और मानकों ने किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई, परीक्षा व्यवस्था और प्रशिक्षण प्रणाली को उच्च स्तर पर बनाए रखने में मदद की। बाद में 1921 में लखनऊ विश्वविद्यालय की स्थापना होने के बाद किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज को उससे संबद्ध कर दिया गया और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इसका संबंध समाप्त हो गया। हालांकि, लगभग डेढ़ दशक तक चला यह संबंध प्रयागराज और लखनऊ के बीच शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सहयोग का प्रतीक माना जाता है।
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Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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