
जमीन के बंटवारे के लिए दो दिन घर में रखा रहा शव, हिस्सा होने के बाद बेटी ने किया अंतिम संस्कार
यूपी के जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम औरेखी में जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में दो दिन तक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका और शव रखा रहा। बंटवारे के बाद ही अंतिम संस्कार हुआ और बेटी ने पिता को मुखाग्नि दी।
यूपी के जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम औरेखी में जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में दो दिन तक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। बंटवारे के बाद ही अंतिम संस्कार हुआ और बेटी ने पिता को मुखाग्नि दी। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम औरेखी निवासी 52 वर्षीय सुरेश कुमार की शनिवार को अचानक तबियत खराब हो गई थी। उनके कहने पर बड़े भाई उन्हें इलाज के लिए सीएचसी ले गए थे। यहां पर इलाज के बाद वह वह वापस घर लौट आए।

कुछ समय बाद ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर उनकी बेटी शिल्पी ससुराल से गांव में पहुंची और उसने पिता की मृत्यु पर संदेह व्यक्त कर पुलिस को सूचना दी। रविवार को पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रविवार की शाम ही शव का पोस्टमॉर्टम होकर आ गया। सुरेश कुमार के इकलौती बेटी ही थी कोई बेटा नहीं था। पारिवारिक 11 बीघा जमीन सुरेश कुमार के पिता माता प्रसाद के नाम थी। शव के वापस आने के बाद सुरेश की पत्नी पारिवारिक जमीन के बंटवारे की मांग करने लगी। इसी को लेकर रविवार को शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
सोमवार को भी दिन भर बंटवारे को लेकर बात चलती रही। दिन भर नाते रिश्तेदारों और पारिवारिक सदस्यों के साथ बैठक चलती रही। जिसके बाद पिता माता प्रसाद जमीन का बंटवारा सुरेश की पत्नी और बड़े बेटे के बीच करने को तैयार हो गए। शाम को पुलिस को मौजूदगी ने बेटी शिल्पी ने पिता की अर्थी को कांधा दिया और शमशान घाट पर पिता का अंतिम संस्कार किया।
शिल्पी ने पोस्ट कर लगाया आरोप
पुत्री शिल्पी को ही यह सूचना मिली कि उसके पिता की मौत हो गई तो उसने ट्वीट कर एक आरोप लगाया कि उसके पिता की मृत्यु उसके बाबा तथा ताऊ के कारण हुई है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।
कोतवाल, अजय ब्रह्म तिवारी ने कहा कि पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।





