गा रहा है गीत यूपी, योगी जी के नाम का, बजट पेश करते हुए सुरेश खन्ना का दिखा शायराना अंदाज
यूपी की योगी सरकार ने बुधवार को अपने इस कार्यकाल का अंतिम बजट पेश किया। इस दौरान बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का शायराना अंदाज भी दिखाई दिया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को वित्त वर्ष 2026–27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का शायराना अंदाज़ दिखाई दिया। करीब दो घंटे से अधिक चले भाषण में उन्होंने प्रदेश की प्रगति, चुनौतियों और सरकार के विज़न को बयान करने के दौरान कई शायरियां भी सुनाईं। उनकी हर शायरी पर तालियां भी मिलीं। खासकर सत्ता पक्ष के विधायकों ने सीट थपथपाकर उनका हौसला बढ़ाया।
बजट भाषण की शुरुआत ही आशा और संकल्प से भरी शायरी से की। खन्ना मानो यह कहना चाह रहे थे कि बजट सिर्फ रकम बांटने का दस्तावेज नहीं, बल्कि दिशा और उम्मीद का नक्शा भी होता है। अंधेरे में दीप जलाने वाली यह पंक्तियां सरकार की प्रतिबद्धता का काव्यात्मक प्रतीक बनकर उभरीं। इसमें उन्होंने अंधेरों को मिटाकर रोशनी फैलाने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा...
“यही जुनून यही ख्वाब है मेरा,
दिया जला के रोशनी कर दूं, जहां अंधेरा है।”
इसके बाद मेहनत और समर्पण पर केंद्रित दूसरी शायरी ने माहौल को और सजीव कर दिया। खन्ना ने यह संदेश देने की कोशिश की कि प्रदेश की प्रगति केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि मेहनत और निरंतरता से होती है। यह नज़्म उन युवाओं और कर्मयोगियों को समर्पित सी लगी, जो पसीना बहाकर नई पहचान बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा…
“सितारा बन के आसमां में वही चमकते हैं,
डुबो देते हैं जो अपना आपको पसीने में।”
अगली शायरी में उन्होंने बदलते समय और नई संभावनाओं का संदेश दिया। इस शायरी ने सदन का माहौल गंभीर और चिंतनशील कर दिया। बदलते उत्तर प्रदेश की ओर इशारा करते हुए खन्ना ने संकेत दिया कि चुनौतियां चाहे जितनी हों, विकास रुकने वाला नहीं है।
“यह अलग बात है तुम न बदलो मगर ज़माना बदल रहा है,
गुलाब पत्थर पर खिल रहे हैं, चिराग आंधियों में जल रहे हैं।”
जीवन की कठिनाइयों और बदलाव की गति को भी शायरी के जरिए पेश करते हुए संवेदनशील अंदाज़ में कहा—
“बड़ी मुश्किल से कोई सुबह मुस्कुराती है,
ग़म की हर शाम दबे पांव चली आती है,
वक़्त लगता ही नहीं ज़िंदगी बदलने में,
पर बदलने में वक़्त ज़िंदगी लग जाता है।”
योगी सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए खन्ना ने प्रदेश की उपलब्धियों को रेखांकित किया। कहा...
“काबिलेतारीफ है अंदाज़ एक-एक काम का,
गा रहा है गीत यूपी, योगी जी के नाम का।”
अगली शायरी में उन्होंने समाज के प्रति संवेदना और मानवता का संदेश दिया। कहा...
“बात अनमोल बहुत है ये ज़िंदगी के लिए,
बता रहा हूँ फ़लसफ़ा मैं हर किसी के लिए,
पोंछ सकते हो तो दुखियों के पोंछ लो आँसू,
न जियो आप फ़कत अपनी ही खुशी के लिए।”
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


