
बरेली की नर्स शिखा बनेंगी स्वास्थ्य विभाग की ब्रांड एंबेसडर, जान लीजिए उनका कमाल
बरेली के बल्लिया पीएचसी में तैनात इकलौती नर्स शिखा सक्सेना अकेले ही एक महीने में औसतन 135 संस्थागत प्रसव कराती हैं। यूपी का स्वास्थ्य विभाग उनको ग्रामीण इलाकों में संस्थागत प्रसव का ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी कर रहा है।
बरेली के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की स्टाफ नर्स ने वह कर दिखाया है, जो आम तौर पर बड़े-बड़े स्वास्थ्य केंद्रों की टीम मिलकर भी नहीं कर पाती। भमोरा क्षेत्र के बल्लिया पीएचसी में तैनात नर्स शिखा सक्सेना ने अकेले दम पर प्रतिमाह औसतन 135 संस्थागत प्रसव कराकर प्रदेश स्तर पर स्वास्थ्य विभाग का ध्यान खींचा है। उनकी उपलब्धि की चर्चा लखनऊ में है और स्वास्थ्य विभाग अब शिखा सक्सेना को संस्थागत प्रसव का ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी में है।
बल्लिया पीएचसी पर शिखा सक्सेना इकलौती स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण यहां संसाधनों की कमी और जागरूकता का अभाव जैसी कई चुनौतियां पहले से मौजूद थीं। इसके बावजूद शिखा ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने को लक्ष्य बनाया और लगातार प्रयास किए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क, समय पर जांच, जरूरी परामर्श और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें अस्पताल में सुरक्षित प्रसव के लिए मनाया। इसका परिणाम यह हुआ कि जो पीएचसी पहले सामान्य माना जाता था, वह अब संस्थागत प्रसव के मामले में कई अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से आगे निकल चुका है।
आशा वर्कर के नेटवर्क का समुचित इस्तेमाल
भमोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी अधीक्षक डॉ. विवेक ने बताया कि शिखा सक्सेना ने आशा कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया है। दूर-दराज के गांवों तक पहुंच बनाकर उन्होंने गर्भवती महिलाओं को समय पर पीएचसी लाने की व्यवस्था सुनिश्चित की। प्रसव के दौरान किसी तरह की लापरवाही न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। इससे महिलाओं का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर मजबूत हुआ है।
शिखा ने अकेले ही संभाली कई स्वास्थ्य मेले की जिम्मेदारी
प्रसव सेवाओं के साथ-साथ शिखा सक्सेना ने स्वास्थ्य मेलों के आयोजन की जिम्मेदारी भी अकेले संभाली। टीकाकरण, एएनसी जांच, पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और विभिन्न सरकारी अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बल्लिया पीएचसी का प्रदर्शन बेहतर है। उनकी मेहनत और समर्पण को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शिखा को सम्मानित किया है। जिलाधिकारी ने शिखा को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
अभियान का ब्रांड एम्बेसडर बनाने की चल रही प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग शिखा को ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने वाले अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी कर रहा है, ताकि उनकी कार्यशैली और अनुभव अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्रेरणा बन सके। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. विश्राम सिंह ने कहा कि शिखा ने यह साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और समर्पण से सीमित संसाधनों में भी बदलाव लाया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में मातृ मृत्यु दर कम करने और सुरक्षित प्रसव में उनका योगदान सराहनीय है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर भी उनके कार्य की सराहना की गई है और उन्हें गांव-देहात की पीएचसी में संस्थागत प्रसव बढ़ाने के अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है।





