
भीड़ में भतीजे ने चाची को काट डाला, गांव वालों के बीच से कुल्हाड़ी लहराकर भागा
यूपी के हमीरपुर में मौदहा में गुरुवार को भतीजे ने चाची को कुल्हाड़ी से काट डाला। ग्रामीण तमाशबीन बने रहे। हत्या के बाद आरोपी खून से सनी कुल्हाड़ी लहराते हुए भाग निकला। एसपी के मुताबिक कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
यूपी के हमीरपुर में मौदहा में गुरुवार को भतीजे ने चाची को कुल्हाड़ी से काट डाला। ग्रामीण तमाशबीन बने रहे। हत्या के बाद आरोपी खून से सनी कुल्हाड़ी लहराते हुए भाग निकला। एसपी के मुताबिक कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया गया है। करहिया गांव निवासी मेड़ेलाल आरख की 62 वर्षीय पत्नी कल्ली गांव में अकेले रहती थी। उसका पति और दो लड़के कानपुर में रहकर काम करते हैं। कल्ली का अपने पारिवारिक भतीजे धर्मेंद्र से किसी बात को लेकर मनमुटाव चल रहा था।
ग्रामीणों के मुताबिक गुरुवार सुबह 9:30 बजे के आसपास कल्ली पड़ोसन के घर से लौट रही थी। तभी घर के पास उसे धर्मेंद्र मिला। वह कुल्हाड़ी लिए था। धर्मेंद्र ने कल्ली के ऊपर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ एक के बाद एक कई प्रहार कर दिए। गर्दन और सिर पर कई वार करने से कल्ली की मौके पर ही मौत हो गई। फील्ड यूनिट ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। एएसपी का कहना है कि हमलावर धर्मेंद्र की तलाश कराई जा रही है।
तमाशा देखता रहा गांव
शारदीय नवरात्र पर करहिया गांव के मंदिर में हवन-पूजन के दौरान हुए अपमान से आहत होकर धर्मेंद्र ने अपनी पारिवारिक चाची की नृशंस तरीके से हत्या कर दी। जिस वक्त धर्मेंद्र चाची की गर्दन और सिर पर कुल्हाड़ी चला रहा था, उस वक्त ग्रामीणों की हिम्मत नहीं हुई कि उसके सामने चले जाते है। कुछ लोगों ने वृद्धा को बचाने की कोशिश की, लेकिन धर्मेंद्र उन्हीं की तरफ लपकने लगा, इस पर लोग चुपचाप तमाशा देखते रहे। चाची की हत्या के बाद धर्मेंद्र खून से सनी कुल्हाड़ी लहराते हुए मौके से फरार हो गया। देर शाम पति मेड़ेलाल की तहरीर पर धर्मेंद्र के विरुद्ध हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली है।
पांच घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा शव
कल्ली का शव हत्या के बाद पांच घंटे तक घर के बाहर सड़क पर पड़ा रहा। मृतका के अन्य परिजन व नाते-रिश्तेदार खबर मिलने पर गांव पहुंच गए थे, जिन्होंने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। पांच घंटे बाद दिन में ढाई बजे के आसपास जब मृतका का पति और दोनों बेटे कानपुर से आए, तब कहीं जाकर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। कल्ली की हत्या करने वाला 45 वर्षीय धर्मेंद्र अविवाहित है और अलग रहता है।
अपमान का बदला लेने को वृद्धा को मार डाला
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक सितंबर माह में शारदीय नवरात्र के समय कल्ली के पति मेड़ेलाल व उसके परिवार ने गांव के मंदिर में हवन-पूजन का कार्यक्रम कराया था। यज्ञवेदी में लगी ईंटें धर्मेंद्र के निकालने पर मेड़ेलाल ने उसे झिड़क दिया था। धर्मेंद्र ने पलटकर उल्टा-सीधा बोलना शुरू किया तो गुस्साए मेड़ेलाल ने उसे दो-तीन डंडे मार दिए थे। तब से धर्मेंद्र पारिवारिक चाचा के परिवार से खुन्नस मानने लगा था।
गांव के शांत माहौल में गूंजी कल्ली की मौत की ‘चीखें’
गुरुवार की सुबह 9.30 बजे के आसपास करहिया गांव के शांत माहौल में कल्ली की चीखें गूंजने लगी। 62 वर्षीय वृद्धा हमलावर से अपनी जान बचाने को लेकर घर की ओर भाग रही थी और खून का प्यासा धर्मेंद्र कुल्हाड़ी लेकर उसके पीछे भाग रहा था। ऐसा दृश्य देखकर ग्रामीण सहम गए। उसके बाद जो कुछ हुआ उसने ग्रामीणों में अंदर तक दहशत भर दी। धर्मेंद्र ने चाची के ऊपर तब तक ताबड़तोड़ कुल्हाड़ी से प्रहार किया, जब तक कि उसकी मौके पर मौत नहीं हो गई। सिर और गर्दन में कुल्हाड़ी के तेज प्रहार से कल्ली ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सड़क खून से लाल हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद धर्मेंद्र खून से सनी कुल्हाड़ी लहराता हुआ मौके से भाग निकला। धर्मेंद्र केभाग जाने के बाद ग्रामीणों का कल्ली के शव के आसपास जमावड़ा लगना शुरू हो गया। कुछ ही देर में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई।
पांच घंटे बाद बेटों संग गांव पहुंचा मृतका का पति
मृतका का पति मेडे़लाल व दोनों बेटों ज्ञान सिंह व मान सिंह के मौके पर न होने के चलते कोतवाली पुलिस उनका इंतजार करती रही। घटना के लगभग पांच घंटे बाद मृतका के परिजनों के मौके पर पहुंचने के बाद चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका का पति व उसके दोनों बेटे अपने परिवार समेत कानपुर में रह मजदूरी करते हैं। कल्ली का भी कानपुर आना जाना बना रहता था। कुछ दिन पूर्व गांव आई थी।
खराब कानून व्यवस्था की मौदहा कोतवाल लाइन हाजिर
एक के बाद एक हत्याएं और गंभीर वारदातों की वजह से चर्चा में चल रहे मौदहा कोतवाल उमेश सिंह को एसपी डॉ.दीक्षा शर्मा ने लाइन हाजिर कर दिया है। उनके स्थान पर चिकासी के इंस्पेक्टर संतोष सिंह को मौदहा की कमान सौंपी गई है। इसी प्रकार सदर कोतवाली में जलालपुर में तैनात इंस्पेक्टर पवन पटेल की तैनाती की गई है। जलालपुर अभी रिक्त है। बता दें कि मौदहा क्षेत्र में कुछ समय में लगातार हत्याओं की वारदातें हो रही थी। क्षेत्र में कानून व्यवस्था की हालत भी खराब हो रही थी। पुलिस एक घटना का खुलासा करती थी और दूसरी उसके सामने चुनौती के रूप में आ जाती थी।





