
अब डिग्री लेने विवि आने की जरूरत नहीं- केएमसी भाषा विवि के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का ऐलान
केएमसी भाषा विवि के दीक्षांत में बोलते हुए कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि पहले यूनिवर्सिटी में दो हज़ार दीजिए तब डिग्री मिलेगी ऐसी स्थिति थी, लाखो डिग्रियाँ यूनिवर्सिटियो में पड़ी देखी है, अब डिग्री लेने के लिए विवि आने की जरूरत नहीं है, डिजिलॉकर पर अपलोड कर दी गई है।
केएमसी भाषा विवि के दीक्षांत में बोलते हुए कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि यहाँ फ़िल्म जगत के क्रोसेज़ शुरू होनी चाहिए, ट्रेनिंग दिया जाना चाहिए, जिससे बच्चे फ़िल्मों में जाएं। पहले ऐसा प्रचलन था, यूनिवर्सिटी में दो हज़ार दीजिए तब डिग्री मिलेगी पहले ऐसी स्थिति थी, लाखो डिग्रियाँ यूनिवर्सिटियो में पड़ी देखी है, अब डिग्री लेने के लिए विवि आने की जरूरत नहीं है, डिजिलॉकर पर अपलोड कर दी गई है।

उन्होंने बेटियों को अधिक पदक मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि एआई से लोग आगे बढ़ रहे लेकिन यह लाल बत्ती भी है, इसका उपयोग पढ़ने रिसर्च आदि के लिए करें किसी को परेशान करने को नहीं ज्ञान अर्जन की पवित्र क्रिया की पूर्णता ही दीक्षा है, सरकारी नौकरी ढूँढना हमारा काम नहीं, आप ऐसे बनो जो दस लोगों को नौकरी दे, इसलिए यह फैसला करना पड़ा, ७५ फीसदी उपस्थिति के बिना परीक्षा में नहीं बैठ सकते, दो दिन कॉलेज ना आए बच्चा तो उनके अभिभावक को फोन करें, ताकि उन्हें पता चले कि बच्चा कहाँ घूम रहा।
उन्होंने कहा कि अनुशासन बहुत जरूरी है, समय शोधपत्र तैयार करना, लेक्चर लेना अनुशासन है। विवेक शिक्षा से उत्पन्न होता है। हमारी जिम्मेदारी है देश को आगे बढ़ानी की, किसी को नुक़सान करने की जिम्मेदारी नहीं है। इससे पूर्व मुख्य अतिथि फ़िल्म निर्माता मुजफ्फर अली ने कहा कि शिक्षा को इस प्रदेश में कोई खतरा नहीं है, इंसान को पढ़ना ज़्यादा पढ़ाना कम चाहिए, पढ़ाई के लिए संतुलन और मानवता बहुत जरूरी है। मेरी किताब है ज़िक्र जिसमे सफ़रनामा है उससे ज़्यादा उसमे लोग हैं। लोगों से सीखने को मिला संस्कार मिला ये चिराग़ जैसे लंबे यूँ ही रायगा ना जाएँ। यहाँ कई कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ, अतिथियों ने कई पुस्तकों का विमोचन व लोकार्पण किया।
स्कूली बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने पोस्टर के ज़रिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। आज बचाओगे पर्यावरण, कल पाओगे स्वस्थ जीवन और प्रकृति से ना करो खिलवाड़, जीवन होगा बेकार लिखे पोस्टर लेकर जागरूकता फैलाते नजर आए। अलीनगर डेवरिया की छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण पर नाट्य प्रस्तुति दी। पेड़ ना काटने, जल संरक्षण का संदेश लिए प्रस्तुति दे रहे बच्चों से लोगों को खूब आकर्षित किया। वृषों के पत्तों वाले कपड़े पहनकर प्रस्तुति दी। राज्यपाल ने सभी छात्र छात्राओं को चॉकलेट दिया, फोटो खिंचाई।





