Petrol Crisis: पेट्रोल संकट के बीच बाइक टैक्सी और मालवाहक दे रहे रोजगार, ऐसे हो रही कमाई
पेट्रोल-डीजल संकट के बीच गोरखपुर में बाइक टैक्सी और माल वाहक गाड़ियों ने कई लोगों को रोजगार दिया है। तीन प्रमुख निजी कंपनियों का एप डाउनलोड कर युवा ही नहीं कई जरूरतमंद भी बाइक टैक्सी और माल वाहक के तौर पर पंजीकरण करा रहे हैं।

Petrol Crisis: पेट्रोल-डीजल संकट के बीच गोरखपुर शहर में बाइक टैक्सी और माल वाहक गाड़ियों ने कई लोगों को रोजगार दिया है। तीन प्रमुख निजी कंपनियों का एप डाउनलोड कर युवा ही नहीं कई जरूरतमंद भी बाइक टैक्सी और माल वाहक के तौर पर पंजीकरण करा रहे हैं। वर्तमान में 5000 से अधिक युवा कंपनियों का एप लोड कर कमाई कर रहे हैं। ये लोग पार्ट टाइम में प्रतिदिन 500 से 800 रुपये की कमाई कर ले रहे हैं।
पंप पर लंबी लाइन और तेल महंगा होने से लोग संयमित हो रहे हैं। वहीं तमाम लोग लंबी लाइन में लगने से भी बच रहे हैं। बाइक से लंबी दूरी तय कर ड्यूटी जाने वाले हों या फिर कॉलेज में पढ़ाई करने वाले, इनके लिए बाइक टैक्सी रोजगार का जरिया बन गया है। पादरी बाजार के रहने वाले भोला प्रजापति राजगीर मिस्त्री हैं। उन्हें रोज सहजनवा काम पर जाना होता है। 22 से 25 किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें 70 रुपये का पेट्रोल खर्च करना पड़ता है। बताते हैं कि बाइक टैक्सी वाली कंपनी का ऐप डाउनलोड किया है।
सुबह काम पर जाने से 10 मिनट पहले पंच करते ही राइड मिलने लगती है। नौसढ़ से लेकर सहजनवा की राइड मिल जाती है। पेट्रोल का खर्च भी निकल जाता है। ऐसे ही बशारतपुर के रहने वाले राजीव श्रीवास्तव के पास माल ढुलाई वाला ई-रिक्शा है। बताते हैं कि पहले ऑर्डर के लिए इंतजार करना पड़ता था। साथ ही चुनिंदा दुकानदारों पर निर्भरता थी। एप से सुविधा यह हो गई कि दोनों तरफ से ऑर्डर मिल जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी इसे पार्ट टाइम जाब के रूप में ले रहे हैं।
व्यापारियों को पसंद आ रही सेवा
विजय चौक स्थित कारोबारी आनंद रूंगटा बताते हैं कि धर्मशाला से एक पंप मंगाना था। 50 रुपये खर्च कर 10 मिनट के अंदर ऑर्डर मिल गया। मोहद्दीपुर में मार्बल के दुकानदार संजीव का कहना है कि रूटीन के काम के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर काम करने वालों को दिया है। लेकिन कम मात्रा में टाइल्स या मार्बल पहुंचाने के लिए एप बेहद कारगर है।
पेट्रोल की किल्लत के बीच बढ़ाया भाड़ा
गोलघर के कारोबारी अरण्य सिंह बताते हैं कि बलदेव प्लाजा से नंदानगर गोदाम तक करीब 6 किलोमीटर दूरी बाइक टैक्सी से जाने पर पहले 57 रुपये लगते थे। अब 74 रुपये लग रहे हैं। बाइक टैक्सी की सेवा देने वाले बिछिया के संतोष कुमार बताते हैं कि कंपनियां एडवांस राइड चार्ज ले लेती हैं। माल भाड़ा में पोस्ट पेड की सुविधा भी है।
रेती रोड पर पंखा खरीदने पहुंची महिला को वापस गोरखनाथ जाना था। तभी हेलमेट लगाए बाइक से एक लड़का आया। दुकानदार ने पूछा ये परिवार का सदस्य है। महिला ने बताया कि बेटे ने एप से बाइक टैक्सी बुक कर दी। 60 रुपये पेमेंट भी कर दिया। चंद मिनट में घर पहुंच जाएंगे। चौरीचौरा के प्रवीण जायसवाल ने विजय चौक से कूलर खरीदा। इसे घर तक ले जाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन या ई-रिक्शा वाले 700 से 800 रुपये की डिमांड करने लगे। इसी बीच दुकानदार ने एक ऐप से राइड बुक कर बताया कि कूलर 500 रुपये में घर पहुंच जाएगा।


