वंदेभारत पर पत्थर चलाने वाले होंगे एक्सपोज, रेलवे स्टेशनों पर लगेगी फोटो
यूपी में वंदेभारत पर पत्थरबाजी करने वाले पत्थरबाजों की फोटो स्टेशनों पर लगाई जाएगी। फोटो पर उन पर की गई कार्रवाई का भी जिक्र होगा। ऐसा इसलिए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। जुलाई 2023 से अब तक वंदेभारत ट्रेन पर पत्थरबाजी की पांच घटनाएं हो चुकी हैं।

यूपी में वंदेभारत पर पत्थरबाजी करने वाले पत्थरबाजों की फोटो स्टेशनों पर लगाई जाएगी। फोटो पर उन पर की गई कार्रवाई का भी जिक्र होगा। ऐसा इसलिए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। जुलाई 2023 से अब तक वंदेभारत ट्रेन पर पत्थरबाजी की पांच घटनाएं हो चुकी हैं। पांचों मामलें में पकड़े गए आरोपियों ने पत्थर मारने की जो वजह बताई है वह चौकाने वाली है। सबसे पहला मामला कुली द्वारा पत्थर मारने का सामने आया था। पकड़े जाने पर कुली ने बताया कि यार्ड में ट्रेनों को लॉक कर दिए जाने के विरोध में उसने पत्थर चलाई थी।
जबकि एक ने अपनी बकरी के ट्रेन से कट जाने के विरोध में पत्थरबाजी की बात बताई। डोमिनगढ़ के पास पत्थर चलाने वाले मनबढ़ ने बताया कि वह देखना चाहता था कि पत्थर चलाने के बाद वंदेभारत का शीशा कैसा दिखेगा। वहीं तरंग क्रासिंग के पास पत्थर चलाने वाले ने अपने बयान में कहा था कि वह एक तरफ से दूसरे तरफ नहीं जा पा रहा था, इसलिए पत्थर चला दिया।
कब-कब हुई पत्थरबाजी की घटना
3 अगस्त 2023 को यार्ड में कुली ने वंदेभारत पर पत्थर चलाया। 25 सितंबर 2024 बकरी के कट जाने के विरोध में युवक ने पत्थरबाजी कर दी। 2 सितंबर 2025 को डोमिनगढ़ के पास युवक ने पत्थर चलाया।
आरपीएफ, इंस्पेक्टर, दशरथ प्रसाद ने इस मामले में जानकारी देते हुए कहा कि गोरखपुर और आसपास इलाकों में पांच बार वंदेभारत ट्रेन पर पत्थरबाजी हुई है, सभी आरोपी पकड़े गए हैं। अब इनकी फोटो लगाई जाएगी, इससे ऐसी हरकतें करने वालों में एक संदेश भी जाएगा l
इंजन में लगा कवच, ट्रायल रन में पास
इंजनों को कवच सिस्टम से लैस करने का काम शुरू हो गया है। गोरखपुर लोको शेड में दो इंजनों कचव उपकरण सफलतापूर्वक लगा दिया गया है। सबसे अच्छी बात तो ये कि इंजन ट्रायल रन में पास हो गया है। एनईआर को पहले फेज में 213 उपकरण आवंटित किए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ बाराबंकी से छपरा के बीच टावर लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। इस रफ्तार से चल रहे काम को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि आगामी छह महीने में किसी एक सेक्शन में ट्रायल कराया जा सकता है। एनईआर को मिले 213 कवच में से गोरखपुर लोको शेड को 60, गोण्डा लोको शेड को 95 और सैदपुर लोको शेड को 58 उपकरण दिए गए हैं।
ट्रेन की आमने-सामने की टक्कर रोकने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) जल्द ही बाराबंकी से गोरखपुर होकर छपरा रेल रूट कवच (स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली) से लैस होगा। करीब 438 किमी लंबे इस ट्रैक को मंजूरी मिलने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे ने टॉवर लगाने का काम शुरू करा दिया है। इसमें गोरखपुर से बस्ती के बीच 20 टॉवर लगा भी दिए गए हैं। सबसे पहले सीतापुर-बुढ़वल रेल रूट पर स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी। दावा किया जा रहा है कि इस सुविधा से ट्रेन हादसों का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। रेलवे में दुर्घटनाओं, आमतौर टक्कर को रोकने को में इस प्रणाली को अहम माना जा रहा है।
इस खास तकनीक से एक ही ट्रैक पर आगे पीछे दौड़ने वाली ट्रेनों में टक्कर नहीं होगी। इसे रोकने के लिए जीपीएस, रेडियो फ्रीक्वेंसी का प्रयोग होगा। ट्रेनों के टकराने की स्थिति आने से पहले ही दोनों ट्रेनों में ऑटोमेटिक ब्रेक लगने के साथ ही पांच किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी ट्रेनों का संचालन भी बंद हो जाएगा।
लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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