21 शिकायतों से खुला करोड़ों की ठगी का राज, फर्जी कंपनी की महिला निदेशक गिरफ्तार
कई राज्यों में हुई साइबर ठगी के तार यूपी के गोरखपुर से जुड़े हैं। फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के खाते में साइबर ठगी की रकम आती थी। महिला निदेशक गिरफ्तार की गई है और पति की तलाश जारी है। ठगी महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा तमिलनाडु, गुजरात, दिल्ली में की गई है।

देश के कई राज्यों में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खाते के मामले में गोरखपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहजनवा क्षेत्र की रहने वाली मनीषा प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि फर्जी नंदिनी माइक्रोफाइनेंस फाउंडेशन के नाम से खोले गए खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने और उसे ठिकाने लगाने में किया जा रहा था। पुलिस अब उसके पति एवं कंपनी के दूसरे निदेशक श्याम कुमार प्रजापति की तलाश कर रही है।
सहजनवा थाने में साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक वैभव मिश्रा ने केस दर्ज कराया है। उनके मुताबिक, साइबर सेल की जांच में इंडसइंड बैंक, गोलघर शाखा में संचालित खाते से देशभर की 21 साइबर ठगी की शिकायतें जुड़ी मिलीं। जांच के अनुसार, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, दिल्ली, गोवा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के लोगों से ट्रेडिंग, ऑनलाइन निवेश और हाई रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों रुपये इसी खाते में जमा कराए गए। पुलिस के अनुसार फर्म के पंजीकृत पते पर कोई माइक्रो फाइनेंस कंपनी संचालित नहीं मिली।
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के निदेशक श्याम कुमार प्रजापति और मनीषा के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं। वहीं हरियाणा, नोएडा, पुणे और बेंगलुरु की साइबर क्राइम थानों में भी इस खाते से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह ने फर्जी कंपनी बनाकर साइबर अपराधियों के लिए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराया और करोड़ों रुपये का लेनदेन कराया। गिरफ्तार मनीषा से पूछताछ की जा रही है, जबकि फरार श्याम कुमार की तलाश जारी है।
फर्जी कंपनी के नाम पर खुला था बैंक खाता
पुलिस जांच में पता चला कि नंदिनी माइक्रोफाइनेंस फाउंडेशन के नाम से सहजनवा के पाली गांव के पते पर कंपनी पंजीकृत कराई गई थी। हालांकि, जांच में मौके पर कोई माइक्रो फाइनेंस कंपनी संचालित नहीं मिली। कंपनी के निदेशक श्याम कुमार प्रजापति और उनकी पत्नी मनीषा बताए गए हैं। पुलिस का आरोप है कि फर्जी कंपनी के माध्यम से बैंक खाता खुलवाकर साइबर ठगी की रकम मंगाई जाती थी।
21 शिकायतों से खुला करोड़ों की ठगी का राज
साइबर जांच में इंडसइंड बैंक के एक खाते से एनसीआरपी पर दर्ज 21 शिकायतें जुड़ी मिलीं। पीड़ितों से ट्रेडिंग, ऑनलाइन निवेश और अधिक मुनाफे का झांसा देकर लाखों से करोड़ों रुपये इस खाते में जमा कराए गए। शिकायतें महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे आगे विभिन्न माध्यमों से निकालकर ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था।
एसपी नार्थ, ज्ञानेंद्र ने कहा कि पुलिस ने बड़े साइबर ठगी गिरोह की एक महिला को गिरफ्तार किया है। उसके पति की तलाश की जा रही है। जांच में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांची जा रही है।
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Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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