गोरखपुर में पेट्रोल आपूर्ति सुधरी लेकिन डीजल किल्लत बरकरार, सीएनजी के दामों से बढ़ा बोझ
पेट्रोल और डीजल के बीच शुरू हुई किल्लत अब कुछ हद तक पटरी पर आने लगी है। पेट्रोल को लेकर शुरू हुई मारा-मारी अब खत्म होने के कगार पर आ गई है। मंगलवार को जिले में ऑयल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों को 100 टैंकरों से 1500 केएल ईंधन की आपूर्ति की गई।

पेट्रोल और डीजल के बीच शुरू हुई किल्लत अब कुछ हद तक पटरी पर आने लगी है। पेट्रोल को लेकर शुरू हुई मारा-मारी अब खत्म होने के कगार पर आ गई है। मंगलवार को जिले में ऑयल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों को 100 टैंकरों से 1500 केएल ईंधन की आपूर्ति की गई। 600 केएल पेट्रोल और 900 केएल डीजल की आपूर्ति की गई। मंगलवार को शहर के 90 फीसदी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल लेने वाले ग्राहकों की स्थिति सामान्य दिनों की तरह रही। कही भी पेट्रोल के लिए लंबी लाइन नहीं नजर आई।
हालांकि, इस बीच दिक्कत केवल डीजल के लिए हुई है। डीजल के लिए लोग गैलन लेकर आए, लेकिन कई पेट्रोल पंपों पर दोपहर होते-होते डीजल खत्म हो गए। शहर के पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर मंगलवार को सादा पेट्रोल खत्म हो गया। जबकि डीजल और स्पीड पेट्रोल उपलब्ध रहा। डीजल भरवाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से लोग गैलन लेकर पहुंचते रहे। उपभोक्ताओं का कहना था कि गांवों के पेट्रोल पंपों पर या तो भारी भीड़ है या फिर डीजल नहीं मिल रहा। इसलिए शहर के पंपों का रुख करना पड़ रहा है।
पेट्रोल पंप कर्मियों ने बताया कि प्रतिदिन करीब 4000 लीटर डीजल, 4000 लीटर स्पीड और 4000 लीटर सादा पेट्रोल की आपूर्ति हो रही है। पहले लोग 100-200 रुपये का तेल भरवाते थे, लेकिन अब अधिकांश उपभोक्ता सीधे 500 से 1000 रुपये तक का तेल भरवा रहे हैं। अरिवंद सिंह ने बताया कि पहले पेट्रोल के लिए काफी मारामारी दिख रही थी, लेकिन अब हालात सामान्य लग रहे हैं। एहतियात के तौर पर टंकी फुल करा ली है, हालांकि अब ज्यादातर क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल आसानी से मिल जा रहा है।
डीजल की किल्लत से भटक रहे लोग
गुलरिहा से लेकर असुरन और भटहट तक फोरलेन पर कुल नौ पेट्रोल पंप है। इन पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की दिक्कत तो नहीं मिली, लेकिन डीजल के लिए लंबी लाइन दिखी। खजांची स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल नहीं मिला। इसी तरह राप्तीनगर भारत पेट्रोलियम पर पेट्रोल मिल मिला, लेकिन डीजल नहीं मिला। इसी तरह असुरन स्थित पेट्रोल पंप पर सुबह करीब 11:00 बजे आधा दर्जन ग्राहक पेट्रोल लेने के लिए खड़े थे। पंप पर पेट्रोल उपलब्ध था, लेकिन डीजल सुबह से ही नहीं था। डीजल लेने आने वाले ग्राहकों को कर्मचारी दूर से ही डीजल ना होने का इशारा कर रहे थे।
तीन में से एक पंप पर मिल रहा था डीजल
पेट्रोल की किल्लत कम हो रही है, लेकिन डीजल की किल्लत के चलते लोग पेट्रोल पंपों पर लाइन लगाकर घंटों इंतजार कर रहे हैं। ट्रैक्टर और पम्पिंग सेट में डीजल के लिए लोग सुबह से ही पंपों पर गैलन लेकर पहुंच रहे हैं। बरगदवां स्थित स्थित तीनों पेट्रोल पंपों पर सुबह 7 बजे के करीब पेट्रोल मिल रहा था। लेकिन डीजल नहीं था। बरगरवां चौराहा स्थित एक पेट्रोल पंप पर गैलन लेकर लाइन में खड़े फरेंदा से आए सुदामा और सरवन ने बताया कि हम लोग के यहां डीजल मिल ही नहीं रहा है। सुबह 5 बजे फरेंदा से यहां के लिए निकले हैं। एक घंटे से लाइन में डीजल के इंतजार में खड़े हैं।
सीएनजी का दाम बढ़ने से पड़ रहा अतिरिक्त बोझ
गोपलापुर स्थित सीएनजी पंप और देवरिया बाईपास रोड पर स्थित भारत पैट्रोलियम के सीएनजी पंपों पर ऑटो चालकों की भीड़ लगातार बनी हुई है। प्रतिदिन करीब 2000 से 3000 ऑटो चालक यहां सीएनजी भरवा रहे हैं। हाल ही में सीएनजी के दाम बढ़ने के बावजूद ऑटो किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऑटो चालकों का कहना है कि बढ़ी कीमतों का अतिरिक्त बोझ उन पर पड़ रहा है, लेकिन यात्रियों से ज्यादा किराया लेने पर अक्सर बहस की स्थिति बन जाती है। ऐसे में मजबूरी में पुराने किराए पर ही ऑटो चलाना पड़ रहा है।


