
सर्जरी के बाद संक्रमण: 4 की आंखें निकालनी पड़ीं, 6 की गई रोशनी; 22 मरीज पहुंचे AIIMS
यूपी के गोरखपुर में सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद की सर्जरी कराने के बाद आंखों में जबरदस्त संक्रमण के पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हॉस्पिटल में एक और दो फरवरी को सर्जरी कराने वाले कुल 42 मरीजों में से अब तक 22 को इलाज के लिए एम्स दिल्ली जाना पड़ा है।
यूपी के गोरखपुर में सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद की सर्जरी कराने के बाद आंखों में जबरदस्त संक्रमण के पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हॉस्पिटल में एक और दो फरवरी को सर्जरी कराने वाले कुल 42 मरीजों में से अब तक 22 को इलाज के लिए एम्स दिल्ली जाना पड़ा है। सात मरीज पहले से भर्ती थे, 15 और मरीज एम्स दिल्ली पहुंच गए हैं। जबरदस्त संक्रमण के शिकार हुए मरीजों में से अब तक चार की आंखें निकालनी पड़ी हैं। छह की आंखों की रोशनी चली गई है।
बताया जा रहा है कि 15 मरीज मंगलवार और बुधवार के बीच एम्स दिल्ली पहुंचे हैं। इनकी आंखों में भी संक्रमण फैल गया है। उनका इलाज शुरू हो गया है। पहले से जिन 12 मरीजों में संक्रमण ज्यादा था, उनमें से चार की आंखें निकाली जा चुकी हैं। तीन की आंखों में संक्रमण का स्तर खतरनाक है। डॉक्टर एक से दो दिन में आगे के इलाज के बारे में फैसला लेंगे। बेलघाट के गोरयाघाट की रहने वाली बहाउद्दीन (60) एम्स में इलाज करा रही है। उनकी बेटी जहीद्दीन ने बताया कि मां की आंख की रोशनी चली गई है।
आज आ सकती है रिपोर्ट
संक्रमण की जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी की टीम ने सोमवार को अस्पताल पहुंच 10 से अधिक सैंपल लिए थे। विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि गुरुवार को जांच की रिपोर्ट आने की संभावना है।
न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल के संचालक, राजेश राय ने कहा कि कई सालों से अस्पताल में मोतियाबिंद की सर्जरी की जा रही है। पहली बार ऐसा हुआ है। बीआरडी के माइक्रोबायोलॉजी की रिपोर्ट आनी है। रिपोर्ट के बाद संक्रमण की सही जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल सभी मरीजों का इलाज कराया जा रहा है।
दिक्कत होने पर इन मरीजों की निकालनी पड़ी आंख
बारी गांव की देवराजी (60) की नातिन महिमा ने बताया कि दादी का इलाज एम्स, दिल्ली में चल रहा है। संक्रमण की वजह से गुरुवार की रात आंखों में मवाद के साथ खून आने लगा। शुक्रवार को एम्स के डॉक्टरों ने चेक किया तो पता चला की आंखों की रोशनी चली गई। उसी दिन सर्जरी कर आंख निकाल दी गई। एक से दो दिनों में अभी एक और सर्जरी होनी है। इन्नडीह के रहने वाले अर्जुन सिंह (82) के भाई के बेटे ज्ञान सिंह ने बताया कि बड़े पिताजी का ऑपरेशन एम्स में हुआ है। उनकी आंखें निकालनी पड़ी है। बताया कि अगर समय पर आंख नहीं निकाली जाती तो डॉक्टर संक्रमण का असर दिमाग तक पहुंचने की बात कह रहे थे। वहीं बेलीपार के रहने वाले रामदरश (80) के परिजनों ने बताया कि एम्स, दिल्ली में सर्जरी के दौरान एक आंख निकाल दी गई है। डॉक्टरों ने इसी हफ्ते एक और सर्जरी को कहा है।
एसीएमओ, डॉ. एके चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग मामले में नजर रखे हुए हैं। अस्पताल का ओटी सील है। बीआरडी की माइक्रोबायोलॉजी टीम की मदद से अस्पताल के ओटी से सैंपल लिए गए हैं, इसकी रिपोर्ट दो से तीन दिनों में आने की संभावना है। रिपोर्ट आने के बाद संक्रमण होने के कारणों की सही जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। सृष्टि ने इंडिया न्यूज के साथ भी लंबे समय तक काम किया। 2020 से वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं।
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