बाढ़ का कहर! सरयू नदी बढ़ने से दर्जनभर गांव घिरे, कछार-देवार में नाव पर जिंदगी
बाढ़ का कहर जारी है। गोरखपुर में सरयू नदी बढ़ने से दर्जनभर गांव घिर गए हैं। कछार-देवार में नाव पर जिंदगी चल रही है। राम जानकी मार्ग से ज्ञानकोल अपने घर और स्कूल बच्चे नाव से जा रहे हैं। सरयू के बढ़ते जलस्तर से कोलखास, ज्ञानकोल समेत दर्जन भर गांव घिरे हैं।

यूपी के गोरखपुर में सरयू और राप्ती नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने बड़हलगंज विकासखंड के कछार और देवार क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। नदियों का पानी तेजी से फैलने के कारण दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। कई संपर्क मार्गों पर पानी पहुंच जाने से आवागमन प्रभावित है और ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
मंगलवार को छुट्टी के बाद आधा दर्जन बच्चे नाव से ज्ञानकोल स्थित घरों को जाते नजर आए। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से बगहा, ज्ञानकोल, कोलखास, अजयपुरा, खैराटी, गोनघट, कोटिया निरंजन, कोटिया दीपशाह, गोरखपुरा, बल्थर तथा जैतपुर खड़ेसरी के बृजराज टोला समेत आसपास के कई गांव प्रभावित हैं। वहीं, राप्ती के बढ़ते जलस्तर से लखनौरी-हिंगुहार संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ गया है।
खतरे के निशान से 66 सेंमी ऊपर बह रही सरयू
सरयू का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। तुर्तीपार में नदी खतरे के निशान से 66 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 6 सेंटीमीटर की बढोतरी हुई है। उधर, गंगा का जलस्तर भी काफी बढ़ने से अब सरयू के बैकफ्लो मारने का डर सता रहा है। सरयू का जलस्तर बढ़ने से बड़हलगंज में मुक्तिपथ पर सभी 40 प्लेटफार्म डूब गए हैं।
केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़े के मुताबिक, तुर्तीपार में मंगलवार को सुबह आठ बजे सरयू नदी का जलस्तर 64.610 पर था, जबकि बुधवार को सुबह आठ बजे यह 64.670 पहुंच गया। बर्डघाट में राप्ती नदी का जलस्तर मंगलवार को 72.600 पर था। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास सिंह का कहना है कि राप्ती और रोहिन नदी का जलस्तर कम हो रहा है। वहीं, सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
रोजमर्रा की जिंदगी हुई प्रभावित
बाढ़ का पानी फैलने से ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे से लेकर दैनिक जरूरतों का सामान जुटाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। संपर्क मार्गों पर पानी भरने से बाजार और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
बाढ़ चौकियों पर राजस्व कर्मी तैनात
बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों पर राजस्व कर्मियों की तैनाती की है। कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि सरयू व राप्ती का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति व गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पशुओं के चारे की व्यवस्था करने तथा राहत बचाव की तैयारियां मजबूत करने की मांग की है।
बाढ़ प्रभावित तक निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बुधवार को बड़हलगंज के निकट डेरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित हिस्से का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों तक सतत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का निर्देश दिया। बाढ़ प्रभावित लखनौरा-लखनौरी के पास लगाए गए स्वास्थ्य शिविर के निरीक्षण के दौरान डेरवा पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ मनीष चौरसिया से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। सीएमओ ने बड़हलगंज सीएचसी का भी औचक निरीक्षण किया। सीएचसी के अधीक्षक डॉ व्यास कुशवाहा को संक्रामक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनजागरूकता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।


