
एम्स की कार्यकारी निदेशक का व्हाट्सएप हैक, छात्र से 50 हजार रुपये की डिमांड
एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता का व्हाट्सएप नंबर साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। हैकर ने खुद को कार्यकारी निदेशक बताते हुए व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए कई लोगों से रुपये की मांग शुरू कर दी।
एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता का व्हाट्सएप नंबर साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। हैकर ने खुद को कार्यकारी निदेशक बताते हुए व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए कई लोगों से रुपये की मांग शुरू कर दी। एक एमबीबीएस छात्र ने 50 हजार रुपये की मांग की गई। जानकारी के अनुसार, डॉ. विभा दत्ता ने ऑनलाइन कुछ सामान बुक किया था, जिसकी डिलिवरी शुक्रवार को होनी थी। सुबह डिलीवरी बॉय ने फोन कर पता पूछा, लेकिन पते पर डिलिवरी करने में असमर्थता जताते हुए उनसे मोबाइल नंबर ले लिया। आरोप है कि इसी दौरान साइबर अपराधी ने उस नंबर का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया।
इसके बाद आरोपी ने कार्यकारी निदेशक की पहचान का दुरुपयोग करते हुए उनके परिचितों और संस्थान से जुड़े लोगों से संपर्क कर रुपये की मांग शुरू कर दी। इसी क्रम में एक एमबीबीएस छात्र से खाते में 50 हजार रुपये भेजने के लिए कहा। कार्यकारी निदेशक को जब मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने शाम करीब चार बजे अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर नंबर हैक होने की सूचना साझा करते हुए लोगों से अपील की कि कोई भी व्यक्ति किसी अज्ञात व्यक्ति को रुपये न भेजे।
एम्स प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी होते ही कार्यकारी निदेशक की ओर से स्टेटस अपडेट कर लोगों को सतर्क किया गया। मामले की शिकायत साइबर सेल से की गई है। एम्स की कार्यकारी निदेशक, डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि मेरे मोबाइल का व्हाट्सएप नंबर शुक्रवार की सुबह हैक हो गया था। हैकर ने कुछ लोगों से रुपये की मांग की थी। अब तक मेरी जानकारी में किसी ने रुपये नहीं दिए हैं। इसके बाद भी मैंने लोगों को जागरूक करते हुए अपनी तरफ से सूचना डाल दी थी।
एडीजी व पूर्व एसएसपी भी हो चुके हैं फर्जीवाड़े का शिकार
साइबर अपराधी वर्तमान एडीजी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी की कोशिश कर चुके हैं। एक व्यापारी को ठगों ने सस्ते सामान की पेशकश कर एक मोबाइल नंबर भेजा और संपर्क करने को कहा। व्यापारी को शक हुआ तो उसने मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। उससे पहले गोरखपुर के पूर्व एडीजी दावा शेरपा और पूर्व एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु को भी साइबर जालसाजों ने अपना निशाना बनाया था।
बेखौफ जालसाजों ने उनकी फोटो लगाकर फेसबुक और व्हाट्सएप पर फर्जी आईडी बना ली थी। 22 जुलाई 2020 को एडीजी दावा शेरपा के फेसबुक को हैक कर साइबर अपराधियों ने एडीजी के नाम पर पैसा मांगना शुरू कर दिया था। जानकारी के बाद एडीजी ने साइबर थाने में केस दर्ज करवाया था। 2021 में गोरखपुर के एसएसपी रहे दिनेश कुमार प्रभु के नाम पर भी साइबर जालसाजों ने निशाना बनाया था।





