राजनाथ से दोगुना मायावती के पास सुरक्षा, अखिलेश संग उससे भी ज्यादा, किसके पास कितनी फोर्स?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा का मुद्दा गरमाया रहा। समाजवादी पार्टी द्वारा सुरक्षा में चूक के आरोपों पर पलटवार करते हुए नेता सदन और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सुरक्षाकर्मियों के विस्तृत आंकड़े पेश किए।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा सुरक्षा में कमी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों अखिलेश यादव, मायावती की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है, बल्कि उन्हें मानक से भी अधिक सुरक्षाकर्मी प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही दोनों के साथ कितने-कितने सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, यह भी बताया। मायावती के साथ ही यूपी के पूर्व सीएम राजनाथ सिंह के साथ तैनात सुरक्षाकर्मियं का भी ब्योरा दिया। इसके अनुसार राजनाथ से करीब दो गुना सुरक्षाकर्मी मायावती के साथ तैनात हैं। अखिलेश के साथ इससे भी ज्यादा हैं।
अखिलेश और मायावती की सुरक्षा के आंकड़े
सदन में प्रश्नकाल के दौरान सपा सदस्य आशुतोष सिन्हा ने पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा में चूक का मुद्दा उठाते हुए पूछा था कि क्या सरकार उन्हें NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) सुरक्षा देने पर विचार करेगी। इस पर जवाब देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने आंकड़ों की झड़ी लगा दी।
नेता सदन ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को Z+ (जेड प्लस) सुरक्षा प्रदान की गई है। उनके लिए कुल 186 सुरक्षाकर्मी स्वीकृत हैं, जिसके सापेक्ष वर्तमान में 185 सुरक्षाकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात हैं। यह संख्या प्रदेश के अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों में सबसे अधिक है।
बसपा सुप्रीमो मायावती की सुरक्षा को लेकर उन्होंने बताया कि उनके पास NSG का सुरक्षा कवच पहले से मौजूद है। उनके लिए 156 सुरक्षाकर्मी स्वीकृत हैं, लेकिन सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए 161 सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं।
केशव मौर्य ने तुलनात्मक विवरण देते हुए कहा कि देश के रक्षामंत्री और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा में 81 सुरक्षाकर्मी स्वीकृत हैं, जिनकी जगह वर्तमान में 82 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं के पास राजनाथ सिंह जैसे कद्दावर नेता से भी दोगुने से अधिक सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं, ऐसे में सुरक्षा में कमी का आरोप निराधार है।
NSG सुरक्षा पर स्पष्टीकरण
NSG सुरक्षा की मांग पर नेता सदन ने स्पष्ट किया कि किसी भी विशिष्ट व्यक्ति को NSG सुरक्षा कवच प्रदान करने का अधिकार पूर्णतः केंद्र सरकार के पास है। राज्य सरकार अपनी ओर से जेड प्लस श्रेणी की उच्च स्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों की गरिमा और सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया गया है।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को देख रहे हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं। पत्रकारिता में 25 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। सिटी टीम का नेतृत्व भी किया। बीकॉम में ग्रेजुएट और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर रिपोर्टिंग भी की है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।
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