UP Floods: टोंस-मंदाकिनी की बाढ़ से गंगा-यमुना ने फिर डराया, घरों में घुस रहा पानी
टोंस और मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से गंगा और यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। हालांकि ये खतरे के निशान से नीचे है। प्रयागराज के कछारी इलाके, कोरांव और मेजा के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। राजापुर के गंगानगर, बघाड़ा के कई घरों में पानी घुसा है।

यूपी में गंगा-यमुना के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में गिरावट से तटवर्ती इलाकों के लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन टोंस और मंदाकिनी नदियों के उफान ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। टोंस के खतरे के निशान से ऊपर बहने और तेज प्रवाह के कारण गंगा-यमुना के जलस्तर पर भी असर पड़ रहा है। उधर, चित्रकूट में कहर बरपाने वाली मंदाकिनी का पानी पहुंचने से प्रयागराज के नैनी में यमुना का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से कछारी इलाके के 17 परिवार राहत शिविर में पहुंचे हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा तो कछारी इलाकों में रहने वाले और भी परिवारों को घर छोड़ना पड़ेगा। गंगा और यमुना किनारे हजारों मकान बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। उधर, टोंस और बेलन का जलस्तर सामान्य से अधिक बढ़ने की वजह से कोरांव और मेजा के एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। रात आठ बजे तक फाफामऊ में गंगा आधा सेमी और नैनी में यमुना दो सेमी प्रति घंटा की गति से बढ़ रही थीं। इससे पहले यमुना के बढ़ने की गति 1.25 सेमी प्रति घंटा थी।
हालांकि गंगा-यमुना अभी भी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। इससे पहले बुधवार सुबह 24 घंटे (मंगलवार सुबह आठ बजे से बुधवार सुबह आठ बजे तक) नैनी में यमुना 82.20 मीटर, फाफामऊ में गंगा 82.86 मीटर और छतनाग में गंगा 81.87 मीटर दर्ज की गई। 24 घंटे में नैनी में 19 सेंटीमीटर, फाफामऊ में दो सेंटीमीटर और छतनाग में 10 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई थी। दोपहर 12 बजे से पहले यमुना और शाम चार बजे से गंगा में वृद्धि शुरू हुई।
सिंचाई विभाग के अनुसार, टोंस का जलस्तर 24 घंटे में 1.10 मीटर बढ़ा। शाम तक टोंस का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड के अभियंताओं के मुताबिक, टोंस का पानी यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो गंगा-यमुना के घटते जलस्तर का क्रम ज्यादा देर कायम रहना मुश्किल हो सकता है। इस बार गंगा-यमुना का बढ़ता जलस्तर देख प्रशासन अधिक अलर्ट हुआ है।
राहत शिविर में पहुंचे 17 परिवार, सता रही घर की चिंता
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ राजापुर के तटीय इलाकों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार से घरों में पानी घुसने के बाद कई परिवारों ने ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर में शरण ली है। बुधवार रात आठ बजे तक शिविर में 17 परिवारों के 64 लोग मौजूद थे। शिविर में रह रहे लोगों के लिए सुबह नाश्ते के साथ दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था की गई है। हालांकि घर छोड़कर शिविर में रहने के बावजूद पीड़ितों की चिंता कम नहीं हुई है। उन्हें घर में छूटे सामान और चोरी की आशंका सता रही है।
पवन नगर की रहने वाली आशा देवी ने बताया कि उनके घर में तीन दिनों से पानी भरा है। घर का सामान छत पर रखकर वह बच्चों के साथ राहत शिविर में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके दो बच्चे हैं और दोनों काम पर चले जाते हैं। ऐसे में हर समय घर में रखे सामान की चिंता लगी रहती है। बाढ़ के दौरान चोरी की घटनाओं का डर भी बना रहता है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन प्रसाद का किया वितरण
गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए बाघंबरी पीठाधीश्वर महंत बलवीर गिरि की ओर से राहत कार्य कराया जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंदों को भोजन प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। बाढ़ की वजह से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित है। ऐसे में राहत सामग्री और भोजन की जरूरत को देखते हुए लोगों तक भोजन प्रसाद पहुंचाया जा रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया।


