UP Floods: यूपी में शारदा और घाघरा नदियों में पानी घटा, कटान का खतरा बढ़ा
यूपी में शारदा और घाघरा नदियों में पानी घटा है लेकिन कटान का खतरा बढ़ा है। शारदा व घाघरा का जलस्तर कम होने के बाद बिजुआ-निघासन में तेजी से कटान हो रहा है। रूरा सुल्तानपुर में स्कूल भवन पर कटान का खतरा मंडरा रहा। धौरहरा के चकदहा गांव बाढ़ के पानी से घिरा।

यूपी के खीरी जिले में नदियों की बाढ़ कम हुई है पर पानी घटने के साथ अब कटान का खतरा बढ़ गया है। धौरहरा तहसील में शारदा और घाघरा नदियों की रफ्तार कम है पर बिजुआ और निघासन ब्लॉक में शारदा नदी ने तेजी से कटान शुरू कर दिया है। सदर तहसील के रेहरिया गांव के पास भी चौका नदी धीमी रफ्तार से कटान कर रही है। धौरहरा के चकदहा गांव के कटान विस्थापित परिवार जहां तहां बसे हैं। इनके स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था अभी प्रशासन नहीं कर पाया है। नदियों का घटता पानी गांवों का वजूद खत्म कर रहा है। इस बार भी ऐसे ही हालात बनने लगे हैं।
सदर तहसील के रेहरिया में हो रहा कटान
सदर तहसील क्षेत्र के रेहरिया खुर्द गांव में चौका नदी धीमी रफ्तार से कटान कर रही है। रेहरिया खुर्द में बचाव की कोशिशों से कटान की रफ्तार में कमी आई है। ग्रामीणों के मुताबिक, शारदा नदी की सहायक चौका नदी रेहरिया के तटीय इलाके में करीब 100 एकड़ जमीन का कटान कर लिया है। ग्रामीण बताते हैं कि कटान अभी जारी है पर रफ्तार कुछ कम हुई है। रेहरिया में कटान की चिंता के बीच ग्रामीण बाढ़ और बीमारियों से भी परेशान हैं।
तिकुनिया में कटान बढ़ा तो रोकना पड़ा तटबंध मरम्मत का कार्य
तिकुनिया खीरी जिले का सीमाई इलाका है। जिसकी उत्तरी सीमा नेपाल देश से मिलती है। तिकुनिया में मोहाना नदी का कहर जारी है। मोहाना के कटान की वजह तिकुनिया में तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ था। जिसकी मरम्मत का कार्य शुरू किया था। पर अचानक कटान की गति बढ़ गई। जिससे तटबंध की मरम्मत का काम रुक गया। तिकुनिया में मोहाना नदी तटबंध के समानांतर बहती हुई कटान कर रही है। तटबन्ध बचाने के लिए बढ़खण्ड ने ठोकरें बनाकर नदी की धार मोड़ने की कवायद शुरू की थी। इससे पहले कई जगह तटबंध क्षतिग्रस्त हो चुका था। जिसकी मरम्मत का काम भी चल रहा था। पर लगातार हो रहे कटान ने बचाव की कोशिशों पर ब्रेक लगा दिया। जिस वजह से तटबंध पर कटान का खतरा बना हुआ है।
बिजुआ और निघासन 500 एकड़ जमीन कटी
शारदा नदी बिजुआ ब्लॉक में पिछले एक सप्ताह से लगातार कटान कर रही है। निघासन ब्लॉक भी कटान की जद में है। एक मंदिर नदी की गोद में समा चुका है। निघासन और बिजुआ में करीब 50एकड़ जमीन भी कट चुकी है। जो जमीनें नदी में समाई हैं। उसमें फसलें लगी थी। मजबूर किसान अपने खून पसीने की कमाई पानी में बर्बाद होते देख रहा है। खेत कटान की जद में आये कुछ किसानों ने खेत में लगी फसलें काटकर मवेशियों को खिला दी हैं। बिजुआ और निघासन में कटान का दायरा बढ़ता जा रहा है। किसान और ग्रामीण अपनी जमीनें और घर बचाने के लिए चिंतित हैं।


