यूपी: चौड़ीकरण की जद में आई मस्जिदों के लिए मांगा फतवा, वाराणसी दालमंडी में लग रहे लाल निशान

संवाददाता, वाराणसी
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यूपी में चौड़ीकरण की जद में आ रही मस्जिदों के लिए दारुल उलूम देवंबद, बरेली, मुबारकपुर, मुरादाबाद और बनारस के कई मदरसों से फतवा मांगा गया है। वाराणसी की दालमंडी में चौड़ीकरण हो रहा है। इसकी जद में छह मस्जिदें आ रही हैं। पिछले दिनों दो सौ साल पुरानी लंगड़ा हाफिज मस्जिद पर भी लाल निशान लगाया गया था।

यूपी: चौड़ीकरण की जद में आई मस्जिदों के लिए मांगा फतवा, वाराणसी दालमंडी में लग रहे लाल निशान

UP News : उत्तर प्रदेश में चौड़ीकरण की जद में आ रहीं मस्जिदों के लिए प्रदेश भर से मुफ्ती से फतवा (कुरआन और हदीस की रोशनी में जो हुक़्म जारी किया जाए) मांगा गया है। वाराणसी दालमंडी चौड़ीकरण की जद में आ रही छह मस्जिदों को लेकर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने सोमवार को जैतपुरा स्थित अबु हनीफा मस्जिद में बैठक की। कमेटी के लोगों ने कहा कि दारुल उलूम देवंबद, बरेली, मुबारकपुर, मुरादाबाद और बनारस के कई मदरसों से फतवा मांगा गया है। फतवा आने और 2025 के वक्फ एक्ट के बाद ही हम लोग आगे का निर्णय लेंगे। बता दें कि वाराणसी दालमंडी में चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन कार्रवाई में जुटा है। हाल ही में वहां दो सौ साल पुरानी लंगड़ा हाफिज मस्जिद पर लाल निशान लगाया गया था।

सोमवार को अबु हनीफा मस्जिद में हुई बैठक में मसाजिद के इमाम, मुतवल्ली, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बुनकर संगठन के सरदार ने भाग लिया। कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इस विषय में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पत्र प्रेषित किया गया था। लेकिन वर्तमान में बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के कारण वह अपनी औपचारिक सहमति देने में असमर्थ है। अतः वक्फ अधिनियम की संबंधित धाराओं के आलोक में प्रशासन को 23 अप्रैल को उत्तर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि चूंकि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है। जो कि बोर्ड के अधीन होने के साथ-साथ अवाम के प्रति भी जवाबदेह है।

दालमंडी चौड़ीकरण की जद में आ रही लंगड़ा हाफिज मस्जिद

पीडब्ल्यूडी के रिकॉर्ड के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण में वक्फ की आठ संपत्तियां आ रही हैं। इनमें छह मस्जिदें हैं। लंगड़ा हाफिज मस्जिद भी इनमें है। यह मस्जिद करीब दो सौ साल पुरानी बताई जाती है। इसका प्रबंधन अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के पास है। पीडब्ल्यूडी ने भवनों के चिह्नांकन में मस्जिद पर भी लाल निशान लगाया है। इसके अगले हिस्से की 20 फीट जमीन चौड़ीकरण के दायरे में है। राजस्व विभाग ने दस्तावेजों की जांच की तो इसके नजूल की जमीन पर बने होने का खुलासा हुआ। हालांकि कुछ ही हिस्सा नजूल है, लेकिन मस्जिद प्रबंधन इनकार रहा है। अब नगर निगम से भी कागजात सत्यापित कराए जा रहे हैं। राजस्व विभाग की टीम जल्द ही मौके पर जाकर सत्यापन करेगी जिसके बाद हिस्सेदारी भी स्पष्ट हो जाएगी।

पिछले कई महीनों से दालमंडी में चल रहा अभियान

दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण के दायरे में 184 भवन आ रहे हैं। इस परियोजना पर लगभग 221 करोड़ लागत आएगी। 650 मीटर लम्बी इस सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है। अब तक 48 से ज्यादा भवनों की रजिस्ट्री हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी ने पिछले कई महीनों में अभियान चलाकर तकरीबन 40 भवन ध्वस्त कर चुका है। पीडब्ल्यूडी (प्रांतीय खंड) के अधिशासी अभियंता केके सिंह का कहना है कि अभी रजिस्ट्री कराए गए भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

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अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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