स्कूल में कीड़े की दवा खाते ही बेहोश होकर गिरने लगे बच्चे, 110 छात्र-छात्राएं बीमार

Feb 11, 2026 11:06 am ISTSrishti Kunj संवाददाता, फर्रुखाबाद
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यूपी में फर्रुखाबाद के जहानगंज क्षेत्र के मोईनुद्दीनपुर रठौरा गांव के जवाहरलाल प्रेमादेवी जूनियर हाईस्कूल में पेट के कीड़े की दवा खाने से 110 छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ गई। एक के बाद एक कई बच्चे गश खाकर गिरने लगे तो हड़कंप मच गया। परिषदीय विद्यालय में मंगलवार को 150 बच्चे आए थे।

स्कूल में कीड़े की दवा खाते ही बेहोश होकर गिरने लगे बच्चे, 110 छात्र-छात्राएं बीमार

यूपी में फर्रुखाबाद के जहानगंज क्षेत्र के मोईनुद्दीनपुर रठौरा गांव के जवाहरलाल प्रेमादेवी जूनियर हाईस्कूल में पेट के कीड़े की दवा खाने से 110 छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ गई। एक के बाद एक कई बच्चे गश खाकर गिरने लगे तो हड़कंप मच गया। परिषदीय विद्यालय में मंगलवार को 150 बच्चे आए थे। सीएचसी कमालगंज से प्रधानाध्यापक फूल सिंह पेट में कीड़े मारने की दवा लाए और दोपहर 12:30 बजे से एक बजे के बीच सभी कक्षाओं में जाकर बच्चों को दवा बांटी।

15 मिनट बाद ही कक्षा एक के प्रशांत, कक्षा चार के रितिक और आदित्य को चक्कर आने लगा और वे गश खाकर गिर पड़े। 61 बच्चों को लोहिया अस्पताल व 33 को सीएचसी कमालगंज ले जाया गया। सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया, एल्बेंडाजोल की गोली खाने से थोड़ी बहुत परेशानी हो जाती है। डीएम ने बताया कि सभी बच्चे स्वस्थ हैं। घबराने की जरूरत नहीं है।

गश खाकर गिरे बच्चे, शिक्षकों के फूले हाथ-पैर

मोईनुद्दीनपुर राठौरा गांव के जवाहरलाल प्रेमादेवी जूनियर हाईस्कूल में दोपहर मेंं एल्बेंडाजोल (पेट के कीड़े मारने की दवा) की गोली खाने के बाद बच्चों को जी मिचलाने के साथ ही उल्टियां होने लगीं। जब बच्चे गश खाकर गिरने लगे तो स्कूल में अफरा तफरी मच गई। सूचना पर अभिभावक स्कूल को दौड़ पड़े। कुछ ही देर में एंबुलेंस के सायरन गूंजने लगे तो गांव में हड़कंप मच गया।

विद्यालय में 270 बच्चे पंजीकृत हैं इसमें मंगलवार को 150 बच्चे उपस्थित हुये थे। प्रधानाध्यापक फूल सिंह ने प्रत्येक क्लास में बच्चों को टेबलेट बांटी। एक बजे के बाद ही बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। बच्चों का जी मिचलाने लगा। देखते ही देखते कक्षा 1 के प्रशांत के अलावा कक्षा 4 के रितिक और आदित्य गश खाकर गिर पड़े। स्कूल में तीनों बच्चों को गश खाकर गिरता देख अन्य बच्चों की घबराहट बढ़ गई। प्रधानाध्यापक इन बच्चों को लेकर जैसे ही सीएचसी पहुंचे तो जानकारी मिली कि सौ से अधिक बच्चों की हालत खराब है। इनमें कई बच्चों को उल्टियां हुईं और चक्कर आ रहे हैं। तत्काल स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को सूचना दी गई।

गांव में भी इसका पता लगने पर हड़कंप मच गया। जिन बच्चों के अभिभावक आस पास थे वह सभी स्कूल आ गए। सबसे पहले तीन एंबुलेंस सूचना पर मौके पर पहुंची। इन एंबुलेंस से बच्चों को सीएचसी कमालगंज भेजा गया। बच्चों की संख्या अधिक होने पर और एंबुलेंस बुलाकर बच्चों को लोहिया अस्पताल के लिए भेजा गया। गांव में एक के बाद एक एंबुलेंस के सायरन गूंजने से हड़कंप की स्थिति हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार, सीओ अजय कुमार ने भी मौके पर जानकारी हासिल की।

स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप, डॉक्टर टीम के साथ पहुंची

एक साथ 110 से अधिक बच्चों के एल्बेंडाजोल गोली खाने के बाद हालत बिगड़ने की जानकारी से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। न्यामतपुर ठाकुरान पीएचसी की डॉ. स्मिता, फार्मासिस्ट आशीष सैनी के 4 के नीतेश, कक्षा 6 की दिव्यांशी से दवा सेवन के बारे में जानकारी की।

सीएमओ ने अपनी निगरानी में कराया इलाज

सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार सीएचसी कमालगंज में पहुंचे जहां पर एल्वेंडाजोल गोली खाने से भर्ती बच्चों का हाल चाल लिया। उन्होंने अपनी निगरानी में ही बच्चों का इलाज कराया। सीएमओ ने बताया कि इलाज के बाद बच्चों की हालत सामान्य है। किसी तरह की कोई घबराहट की बात नही है। जिन बच्चों को ज्यादा दिक्कत हुयी उन्हें भर्ती किया गया। बच्चे सही होने के बाद सीएचसी परिसर में स्थित जिम में उछलकूद करने लगे। बीएसए ने बताया कि जानकारी में आया है कि जो दवा सेवन करायी गयी थी उसकी एक्सपायरी डेट 2028 है।

लोहिया सीएचसी को कर दिया गया था अलर्ट

जवाहरलाल प्रेमादेवी जूनियर हाईस्कूल मोईनुद्दीनपुर में110 से अधिक बच्चों की एल्वेंडाजोल गोली खाने से हालत बिगड़ने की जानकारी पर लोहिया अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज को अलर्ट कर दिया गया था। लोहिया अस्पताल में ही सभी डॉक्टरों को पूरी तैयारी के साथ रहने के निर्देश दिये गये थे। सीएमएस डॉॅ.जगमोहन शर्मा ने डॉ.उदयराज, धीर सिंह, प्रभात वर्मा, विवेक सक्सेना और अभिषेक चतुर्वेदी की टीम को इलाज के लिए लगा दिया। जैसे ही बच्चे एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल में पहुंचे तो आनन फानन में उनका इलाज शुरू कराया गया।

अभिभावकों की जिद ने किया परेशान

बीमार बच्चों को अस्पताल में इलाज कराने के लिए एंबुलेंंस पहुंची तो यहां पर दर्जनों अभिभावक भी मौजूद थे। एंबुलेंस में बच्चों के साथ अभिभावक भी जाने की जिद कर रहे थे। इस वजह से एंबुलेंस में पर्याप्त मात्रा में बच्चे इलाज के लिए नहीं जा सके। इसके बाद ही आठ एंबुलेंस मौके पर बुलानी पड़ी। इनमें कई एंबुलेंस पर बच्चो के साथ अभिभावक पूरे समय डटे रहे। स्थानीय लोगों के मुताबिक एएनएम चांदनी को दवा खिलाने के दौरान मौजूद रहना चाहिए था मगर वह मौजूद नहीं थीं।

राठौरा में बच्चों को नहीं हुई परेशानी

अध्यापकों को बीआरसी कमालगंज में बुलाकर एल्बेंडाजोल की गोली स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध करायी गयी थी और यह भी बताया गया था कि बच्चों को दोपहर में दवा खिलानी है। प्राइमरी पाठशाला रठौरा में भी 80 बच्चों को दवा का सेवन कराया गया था। विद्यालय की हेड इंदू कटियार ने बताया कि जिन बच्चों को दवा खिलायी गयी उनमें किसी को क ोई दिक्कत नही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि बीआरसी कमालगंज से डॉक्टर अजय कुमार ने एल्वेंडाजोल टेबलेट 400 एमजी विद्यालय के प्रिंसिपल को प्रदान की गयी थी।

बच्चों के हाथों में ही अध्यापकों ने थमा दी थीं टेबलेट

पेट दर्द की गोली का सेवन कराने के अपने नियम भी हैं। मगर इसका कोई ख्याल नहीं रखा गया। दवा अध्यापकों को कमालगंज के बीआरसी पर स्वास्थ्य महकमे की ओर से प्रदान कर दी गई थी। बीआरसी पर ही यह बता दिया गया था कि बच्चों को दोपहर में यह दवा अपने सामने ही खिलानी है। इसके बाद भी अध्यापकों और प्रधानाध्यापक ने इस पर गौर नहीं किया। कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को ऐसे ही टेबलेट बांट दी। बच्चों ने अपने तरीके से टेबलेट को खा लिया। कक्षा एक से आठ तक संचालित इस स्कूल में प्रधानाध्यापक फूल सिंह के अलावा छह अन्य अध्यापक हैं। इन सभी ने अपनी अपनी कक्षाओं में वितरण करा दिया। शुरुआत में जब तीन बच्चों की हालत बिगड़ी इसके बाद से ही हड़कंप मच गया। दवा सेवन के 15 मिनट बाद ही बच्चों को गश आना शुरू हो गये। थोड़ी देर बाद जब और बच्चे उल्टी करने लगे तो एंबुलेंस को सूचना दी गयी। हालांकि सभी बच्चों को टेबलेट का वितरण किया गया था। मगर कुछ बच्चों ने टेबलेट नहीं खायी। कई बच्चों के पास से पूरी स्ट्रिप टेबलेट की पायी गयी। जिन बच्चों ने टेबलेट नहीं खायी।

ग्रामीणों के जमा होते ही धीरे धीरे खिसकने लगे अध्यापक

मौके की नजाकत को देखते हुये विद्यालय परिसर से अध्यापक धीरे धीरे खिसकने लगे थे। यहां पर अभिभावकों की भीड़ के साथ ही ग्रामीण जमा होना जैसे ही शुरू हुये तो एक एक कर अध्यापक जाने लगे। उन्हें डर था कि कहीं भीड़ का शिकार वह लोग न हो जायें। इस विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत सात अध्यापकों की तैनाती है।

Srishti Kunj

लेखक के बारे में

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सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। सृष्टि ने इंडिया न्यूज के साथ भी लंबे समय तक काम किया। 2020 से वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं।

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