UP : 500 के एक असली नोट के बदले देते थे 4 नकली नोट, नकली करेंसी छापने के गिरोह का भंडाफोड़
गोरखपुर के एसपी सिटी और सीओ ने बताया कि गुलरिहा थाने की पुलिस संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी पता चला कि शाहपुर क्षेत्र की सरस्वतीपुरम कॉलोनी में एक शटरनुमा दुकान में कुछ व्यक्ति नकली नोट छाप रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी बिहार से 40 लाख के काले रंग के नकली नोट लेकर आए।

UP News : गोरखपुर पुलिस ने पादरी बाजार क्षेत्र के सरस्वतीपुरम कॉलोनी में नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पहले बिहार से 10 लाख रुपये में 40 लाख का काले रंग का नकली नोट लेकर आया था। बिहार के शातिरों ने उन्हें बताया था कि एक केमिकल डालने पर ये नोट असली जैसे हो जाएंगे, लेकिन उन्होंने केमिकल नहीं दिया। इस पर ये लोग यहीं नोट छापने लगे। 500 रुपये के एक असली नोट के बदले ये चार नकली नोट दिया करते थे। उनके पास से लाखों के नकली नोट और उसे छापने की सामग्री और उपकरण बरामद की गई है। पकड़े गए शातिरों में चार गोरखपुर और एक कुशीनगर का रहने वाला है।
एसपी सिटी निमिष पाटिल और सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में पकड़े गए गिरोह के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुलरिहा थाने की पुलिस संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि शाहपुर थाना क्षेत्र में पादरी बाजार के सरस्वतीपुरम कॉलोनी में एक शटरनुमा दुकान में कुछ व्यक्ति नकली नोट छाप रहे हैं। गुलरिहा पुलिस, एसओजी टीम और सर्विलांस सेल फोर्स के साथ तत्काल मौके पर पहुंची।
वहां घेराबंदी करते हुए नकली नोट बनाने में संलिप्त व्यक्तियों को पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शाहपुर के पादरीबाजार न्यू क्रिश्चियन कॉलोनी निवासी करन सिंह, विकास नगर निवासी मोहित, पादरीबाजार निवासी विशाल शर्मा, आशीष शर्मा व भलुई, थाना अहिरौली, कुशीनगर निवासी आकाश सिंह के रूप में हुई। इस मामले में बिहार के भी दो लोगों का नाम सामने आया है। पुलिस उनके बारे में पता लगा रही है। उन्हें भी इस केस में आरोपी बनाया गया है।
यह हुई बरामदगी
आरोपियों के पास से पुलिस ने 500 रुपये के 10 नकली नोट, 100 रुपये का एक नकली नोट, चार मोबाइल व 1 एप्पल मोबाइल, मानीटर, सीपीयू, कीबोर्ड, माउस, 2 प्रिन्टर, 4 इंक का डब्बा, एफोर साइज का पेपर, 49 विभिन्न प्रकार के प्रिन्टेड ए4 साइज के नकली नोट फर्मा, 14 दोनों साइड प्रिन्टेड नकली नोट, 02 नोट में लगने वाला तार, गांधीजी की फोटो वाले 04 फर्मा, 39 गड्डी काले रंग के 500 रुपये के आकार के प्रिन्टेड/सादे कागज बरामद हुए हैं।
केमिकल से असली नोट बनाने का आइडिया
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले 10 लाख एकत्र कर बिहार गए थे और वहां से 40 लाख के काले रंग के नकली नोट लेकर आए। बिहार के युवकों ने उन्हें बताया था कि इस नोट पर केमिकल डालने पर वह असली नोट जैसा हो जाएगा, लेकिन उन्होंने केमिकल नहीं दिया। इसके बाद इन लोगों ने यहां पर ही नोट छापने का काम शुरू कर दिया।
अधिवक्ता-व्यापारी हैं आरोपी
पुलिस के मुताबिक, मोहित कुमार पासवान सिविल कोर्ट में अधिवक्ता है। आकाश सिंह मेडिकल स्टोर चलाता है। विशाल प्रिटिंग प्रेस चलाता है। आशीष शर्मा प्रिंटिंग प्रेस में काम करता है। सभी आरोपी आपस में दोस्त भी हैं।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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