69 हजार हो न्यूनतम बेसिक सैलरी, 8वें वेतन आयोग की टीम से बोले यूपी के कर्मचारी और पेंशनर
8th Pay Commission : आठवें वेतन आयोग की एक टीम लखनऊ में है। इस टीम ने सरकार, कर्मचारी, पेंशनरों के संगठनों से बातचीत की। कर्मचारी, पेंशनरों ने न्यूनतम वेतन 69 हजार रुपये किए जाने की मांग की है। अभी न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है। वेतन में इजाफे के साथ ही बेहतर मेडिकल सुविधाओं की मांग भी की है।

8th Pay Commission News : उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को गुड न्यूज देने की तैयारी है। आठवें वेतन आयोग की टीम दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंची है। इस टीम ने सोमवार को प्रदेश सरकार और कर्मचारी और पेंशनरों के संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। कर्मचारी और पेंशनरों ने न्यूनतम वेतन 69 हजार रुपये किए जाने की मांग की है। अभी न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है। ऑल इंडिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि जब 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हुई थीं तब देश में प्रति व्यक्ति आय 92,294 रुपये थी। मौजूदा समय में यह आय बढ़कर 2.20 लाख रुपये हो गई है। इस आधार पर उन्होंने 8वें वेतन आयोग से 3.83 का फिटमेंट फैक्टर मांगा है।
पेंशनरों ने वेतन में इजाफे के साथ ही बेहतर मेडिकल सुविधाओं की मांग भी आयोग के सामने रखी है। प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने आयोग से 65 वर्ष पर 5 प्रतिशत , 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत और 75 वर्ष पर 15 प्रतिशत पेंशन बढ़ोतरी का सुझाव दिया है। पेंशनरों को एक माह की पेंशन के बराबर अग्रिम दिए जाने व उसकी वसूली 12 माह में किए जाने की भी मांग की गई है। पेंशनरों के प्रतिनिधि मंडल में पीके शर्मा के अतिरिक्त शिव शंकर दुबे, क्षमा नाथ दुबे, महेंद्र त्रिपाठी व योगेश कुमार चौहान शामिल थे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी व महामंत्री अरुणा शुक्ला ने आयोग से मुलाकात करके 36 पन्नों का ज्ञापन सौंपा। वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, संविदा कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण नीति, 50% महंगाई भत्ते को मूल वेतन में शामिल की मांग की है।
कर्मचारी संगठनों की दूसरी सबसे बड़ी मांग नेशनल पेंशन स्कीम की जगह पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की है। मकान किराया भत्ता , रिस्क पे, सालाना बोनस और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले फायदों में भी सुधार की मांग की गई है। पेंशनर्स फेडरेशन के शिवशंकर दुबे ने पुराने पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण के बारे में पूछा।
सरकार ने रखा वित्तीय स्थिति का ब्योरा
8वें वेतन आयोग के साथ बैठक के दौरान सबसे पहले वित्त विभाग की टीम ने राज्य की आर्थिक स्थिति का ब्योरा रखा। आयोग के सचिव-मेंबर पंकज जैन और सदस्यों को प्रस्तुतिकरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि किस तरह से पिछले 9 साल के दौरान राज्य सरकार की आय में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद आईएएस एसोसिएशन, आईपीएस एसोसिएशन और आईएफएस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें आयोग के सामने रखीं। रिटायर्ड आईएएस एसोसिएशन ने भी अलग से अपना पक्ष रखा।
कर्मचारी महासंघ ने जताई आपत्ति
आठवें वेतन आयोग की टीम से समय न मिलने पर संगठनों आपत्ति जताई है। प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि यूपी सरकार ने अब तक सातवें वेतन आयोग की ही विसंगतियों को दूर नहीं किया है। ऐसे में आठवें वेतन आयोग के सामने इस संबंध में पक्ष रखना जरूरी था। कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा और उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने संयुक्त रूप से कर्मचारियों, शिक्षकों और निकायो के सेवा संगठनों से मुलाकात न करने पर आपत्ति दर्ज कराई है। संयुक्त मोर्चा के महासचिव शशि कुमार मिश्रा ने यह वित्त विभाग की चूक है।


