काम की बात: प्रीपेड स्मार्ट मीटर की सिक्योरिटी को लेकर देर रात बदला नियम; पुराने ग्राहकों को बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदलने के बाद सिक्योरिटी मनी वसूलने के नियम में देर रात बड़ा बदलाव किया है। उपभोक्ता परिषद के विरोध के बाद अब पुराने उपभोक्ताओं से नई दरों पर अतिरिक्त सुरक्षा राशि नहीं ली जाएगी।

उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी जीत की खबर है। स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदलने के बाद नई दरों पर सिक्योरिटी मनी वसूलने के फैसले को पावर कॉर्पोरेशन ने देर रात वापस ले लिया है। अब उपभोक्ताओं से पुरानी जमा सिक्योरिटी ही मान्य होगी और नई कॉस्ट डेटा बुक के तहत अतिरिक्त पैसा नहीं वसूला जाएगा।
देर रात बदला गया आदेश
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के कड़े विरोध के बाद रात करीब 10:30 बजे पावर कॉर्पोरेशन ने अपना आदेश संशोधित किया। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस मुद्दे को मजबूती से उठाते हुए इसे 'कानून की ताकत' बताया है। कॉर्पोरेशन ने पहले आदेश दिया था कि पोस्टपेड होने पर उपभोक्ताओं को नई कॉस्ट डेटा बुक-2025 के अनुसार बढ़ी हुई सिक्योरिटी मनी देनी होगी, जिसका सीधा बोझ लगभग 83 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ रहा था।
क्या था विवाद?
जब पावर कॉर्पोरेशन ने उपभोक्ताओं के पोस्टपेड कनेक्शन को प्रीपेड मोड में बदला था, तब उनकी जमा सिक्योरिटी मनी को उनके प्रीपेड अकाउंट में रिचार्ज के रूप में डाल दिया गया था। अब दोबारा पोस्टपेड होने पर कॉर्पोरेशन नई दरों से सुरक्षा राशि मांग रहा था।
अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, "प्रदेश के कई कनेक्शन 10 साल, 20 साल या उससे भी पुराने हैं। उस समय के नियमों के अनुसार सिक्योरिटी जमा की गई थी। अब वर्तमान की नई दरों के हिसाब से अतिरिक्त पैसा मांगना पूरी तरह गलत और कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन था।"
उपभोक्ता परिषद की बड़ी जीत
उपभोक्ता परिषद ने इस मामले में विद्युत नियामक आयोग में लोकमत प्रस्ताव दाखिल करने की तैयारी भी कर ली थी। परिषद का तर्क था कि चूंकि उपभोक्ताओं ने पहले ही अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी थी, इसलिए सिस्टम के बार-बार बदलने का खामियाजा जनता क्यों भुगते। देर रात आए इस फैसले से उन मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें हजारों रुपये की अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी बिल में जुड़कर आने का डर था।
जून से एसएमएस और व्हाट्सएप पर मिलेगा बिल
सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड प्रणाली में बदले जा रहे हैं। अगले महीने से उपभोक्ताओं को इस्तेमाल की गई बिजली का बिल मिलेगा। मई 2026 की खपत का बिल जून 2026 में पोस्टपेड प्रणाली के तहत जारी किया जाएगा। यह बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से मिलेगा। हर महीने की 10 तारीख तक बिल जारी किए जाएंगे। 15 दिन के अंदर बिल जमा करना होगा। बिल न मिलने पर मैनुअल रीडिंग लेकर बिल लेकर पैसा जमा कर सकते हैं।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


