
गुड न्यूज: इस बार ओटीएस में मूल बकाए में भी राहत, बिजली उपभोक्ता जानें कब से शुरू
यूपी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। इस बार ओटीएस में पहली बार न केवल बकाया लगने वाला ब्याज यानी सरचार्ज माफ किया जाएगा बल्कि बकाया मूलधन में भी राहत दी जाएगी। पहली दिसंबर से योजना शुरू होगी।
UP Electricity OTS Scheme : यूपी में लंबे समय से बिजली के बकाया बिलों की वसूली के लिए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की घोषणा की है। यह योजना एक दिसंबर से शुरू होगी। तीन चरणों में यह 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। खास बात यह है कि इस बार पहली बार न केवल बकाया लगने वाला ब्याज यानी सरचार्ज माफ किया जाएगा बल्कि बकाया मूलधन में भी राहत दी जाएगी। ओटीएस को 'बिजली बिल राहत योजना-2025' बताते हुए एके शर्मा ने संगम सभागार में इसकी जानकारी दी।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि योजना तीन चरणों में लागू होगी, जिसका पहला चरण एक दिसंबर से, दूसरा चरण एक जनवरी से और तीसरा चरण एक फरवरी से लागू होगा। ओटीएस के लाभ भी अलग-अलग चरणों में फर्क होंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना जनता के लिए सरकार का उपहार है और जनसहभागिता से जुड़ी अभूतपूर्व पहल है। सरकार की मंशा है कि कोई भी उपभोक्ता बिजली बिल के बोझ तले दबा न रहे और साथ ही राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था आर्थिक रूप से सुदृढ़ बने। योजना से जहां सरकारी खजाने में राजस्व का इजाफा होगा, वहीं घरेलू व वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
ब्याज में 100% और मूलधन में 25% की मिलेगी छूट
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि योजना के तहत अगर कोई उपभोक्ता अपना बकाया बिजली बिल एकमुश्त जमा करता है, तो उसे सरचार्ज में 100 प्रतिशत के साथ-साथ बकाए के मूलधन में 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। मूलधन में यह छूट हर चरण में अलग-अलग होगी। पहले चरण में 25%, दूसरे चरण में 20 प्रतिशत और तीसरे चरण में 15 प्रतिशत। जो उपभोक्ता पहले पंजीकरण कर भुगतान करेंगे, उन्हें अधिक लाभ मिलेगा। मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे योजना का लाभ पहले ही चरण में लेकर ज्यादा से ज्यादा लाभ लें।
योजना से इन्हें मिलेगा लाभ
- दो किलोवॉट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को
- एक किलोवॉट के वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को
- बिजली चोरी के मामलों में राजस्व निर्धारण राशि के मामलों में
- तकनीकी या मीटर संबंधी त्रुटियों के कारण विवादों में फंसे मामलों में





