किससे नाराज हैं सपा सांसद आनंद भदौरिया? विपक्ष में दलबदल की आंधी के बीच ट्वीट से खलबली
संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्षी सांसदों के दलबदल की चर्चाओं के बीच सपा सांसद आनंद भदौरिया का एक ट्वीट सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। विधानसभा चुनाव 2027 के टिकट दावेदारों को नसीहत देते हुए कहा है कि किसी के सिफारिश पर टिकट नहीं मिलेगा।

संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार को लोकसभा और राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत के करीब ले जाने वाली विपक्षी सांसदों के दलबदल की आंधी के बीच अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया के एक ट्वीट ने खलबली मचा दी है। सपा सांसद ने अगले साल के विधानसभा चुनाव के टिकट दावेदारों को टारगेट करते हुए एक ट्वीट किया है, लेकिन उसमें 2024 के चुनाव में भीतरघात करने वाले नेताओं को लेकर अपना दर्द भी सामने रखा है। इस ट्वीट की टाइमिंग को लेकर कौतुहल पैदा हो गया है कि टिकट किसे मिलेगा, कैसे मिलेगा, इसको लेकर आनंद भदौरिया को अभी कुछ भी कहने की जरूरत ही क्या थी।
समाजवादी पार्टी सांसद आनंद भदौरिया ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘साल 2027 के विधानसभा चुनावों में पार्टी और आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ही तय करेंगे कि उम्मीदवार कौन होगा? इस बार किसी की सिफारिश से कोई टिकट मिलने नहीं जा रहा है। बहरहाल मेरा उत्तरदायित्व मेरी लोकसभा क्षेत्र धौरहरा की पांच विधानसभाओं के प्रति है।'
जिसे पार्टी टिकट देगी उसे जितानी की करूंगा कोशिश
सपा सांसद ने कहा कि जिसे टिकट मिलेगा उसे जिताने की कोशिश करूंगा। अपने पोस्ट में लिखा, 'मैं स्पष्ट तौर पर कहना चाहता हूं, पांचों क्षेत्र में पार्टी जिस किसी को भी प्रत्याशी बनाएगी भले उसने लोकसभा चुनाव में हमारी खिलाफत की हो। मैं ईमानदारी से (क्योंकि कभी पार्टी के खिलाफ नहीं जा सकता) उसे जिताने का प्रयास करूंगा।’
जिसे पार्टी टिकट देगी, वही मेरा उम्मीदवार
सपा सासंद ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, ‘अब एक बात और कि पांचों क्षेत्र में मैं किसी का पैरोकार नहीं, मेरा कोई पसंदीदा उम्मीदवार नहीं है। जिसको पार्टी टिकट देगी ,वही मेरा उम्मीदवार। अब एक सुझाव टिकट चाहने वालों से आप सभी अपना प्रयास राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से करें। वैसे भी आप अपनी सुविधानुसार जब आपको मुझसे मदद की उम्मीद होती है तो हमारे अंदर आपको गुणों की खान नजर आती है और जब नाउम्मीदी नजर आती है तो मुझसे ज्यादा अवगुण धरती पर किसी दूसरे इंसान में नजर नहीं आते। क्योंकि आप हमसे अकेले में तो हमारी तारीफ करते हैं और पीठ पीछे भगवान ही मालिक है।’
टिकट दिलाने का नहीं किया था वादा
सांसद आनंद भदौरिया ने अपने पोस्ट में कहा कि उन्होंने टिकट दिलाने का वादा किसी से नहीं किया था। सांसद ने लिखा, ‘खैर जिन टिकटार्थियों ने चुनाव में हमारी मदद की है मैंने किसी एक से भी टिकट दिलाने का वादा न किया था। आपका जो मेहनत रूपी कर्जा हमारे ऊपर है उसे जैसे-जैसे मौका मिलेगा अदा करता रहूंगा। रही बात 29 की तो याद रखना, मालिक की मर्जी के बगैर पत्ता भी नहीं हिलता।’
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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