यूपी के 20 जिलों के 172 मार्गों पर जाम से मुक्ति मिलेगी, डीजीपी राजीव ने की प्रोजेक्ट की शुरुआत

Apr 07, 2026 08:31 pm ISTDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी के 20 जिलों के 172 मार्गों पर जाम से मुक्ति मिलेगी।इसके तहत कुल 172 चिन्हित मार्गों पर रूट मार्शल की तैनाती की जाएगी। एक माह में योजना के परिणामों की समीक्षा होगी।

यूपी के 20 जिलों के 172 मार्गों पर जाम से मुक्ति मिलेगी, डीजीपी राजीव ने की प्रोजेक्ट की शुरुआत

UP News: उत्तर प्रदेश में दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में सुधार की मुहिम के बाद पुलिस ने अब लोगों को जाम से राहत दिलाने की पहल की है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रमुख शहरों में यातायात की बाधाओं को दूर करने के लिए 20 जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सी-आरटीसी (सिटी रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन) योजना की शुरुआत की है। इसके तहत कुल 172 चिन्हित मार्गों पर रूट मार्शल की तैनाती की जाएगी। एक माह में योजना के परिणामों की समीक्षा होगी।

डीजीपी ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि नगरीय क्षेत्रों में हो रहे विकास और विस्तार के कारण वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। यातायात जाम की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए योजना के प्रथम चरण में सभी सात पुलिस कमिश्नरेट के अलावा हर परिक्षेत्र के एक प्रमुख जिले (कुल 13 जिले) को भी शामिल किया गया है। डीजीपी मुख्यालय स्तर 171 रूट मार्शल व उनके सहयोग के लिए अन्य यातायात पुलिसकिर्मयों की तैनाती की होगी। सर्वाधिक 14 मार्ग कानपुर में चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा अयोध्या के 10 प्रमुख मार्ग भी शामिल किए गए हैं।

इस फार्मूले से निजात दिलाएगी पुलिस

20 शहरों के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव अलग-अलग समय पर कम या ज्यादा होता है। चिन्हित मार्गों पर एआई और वैज्ञानिक अध्ययन से अलग-अलग समय में यात्रा में लगने वाले समय में काफी अंतर पाया गया। सी-आरटीसी कार्यक्रम का लक्ष्य पीक आवर्स में शुरुआत के बिंदु और अंतिम बिंदु के बीच यात्रा के समय को कम करना है। यात्रा के प्रवाह को निर्बाध और सुचारू रखने के लिए मार्गां को अवरोध मुक्त रखना है। हर मार्ग के प्रभारी को रूट मार्शल कहा जायेगा, जिसकी नियुक्ति राजपत्रित नोडल अधिकारी, यातायात के प्रस्ताव पर जिला पुलिस प्रमुख द्वारा की जायेगी। रूट मार्शल को एक से अधिक मार्ग का प्रभारी भी बनाया जा सकता है।

दुर्घटना में मृत्यु दर 11.55 प्रतिशत हुई कम

डीजीपी ने इससे पूर्व प्रदेश के 487 सर्वाधिक दुघर्टना बहुल थानाक्षेत्रों को चिन्हित कराकर जीरो फेटेरलिटी डिस्टिक (जेएफडी) योजना लागू कराई थी। 487 थानों में 573 विशेष टीमों का गठन कर उन्हें अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक उपकरणों से लैस किया गया है। डीजीपी के अनुसार तीन माह में वर्ष 2025 की तुलना में इस वर्ष दुर्घटनाओं की संख्या में 7.43%, मृतकों की संख्या में 11.55% और घायलों की संख्या में 8.05% प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। प्रदेश में 68 जिलों तथा सात कमिश्नरेट के 20 जोन को मिलाकर कुल 88 इकाई हैं। इन 88 इकाईयों के क्रिटिकल थानों में से 51 इकाईयों में दुर्घटनाओं में कमी आयी है तथा पांच इकाईयों में दुर्घटनाओं में कोई वृद्धि नहीं हुयी है। इस प्रकार से कुल 88 इकाईयों में से 56 इकाई अर्थात 63.6% इकाईयां ग्रीन जोन में हैं। मृतकों की संख्या में 60 इकाईयों में कमी तथा छह इकाईयों में कोई वृद्धि नहीं हुयी है। कुल 88 इकाईयों में 66 अर्थात 75% ग्रीन जोन में हैं।

प्रथम त्रैमास में 506 दुर्घटनाएं हुईं कम

प्रथम त्रैमास में अब तक करीब 450 दुर्घटना जनित मृत्यु में कमी दर्ज की गई है। हर दिन लगभग पांच लोगों को काल के मुंह में जाने से बचाया गया है। दुर्घटनाओं की संख्या में 506 की कमी हुई है।

पायलेट प्रोजेक्ट में कहां कितने मार्ग

कानपुर - 14 मार्ग

लखनऊ - 12 मार्ग

आगरा - 8 मार्ग

आजमगढ़- 8 मार्ग

अलीगढ़- 6 मार्ग

अयोध्या - 10 मार्ग

बांदा - 6 मार्ग

बरेली- 6 मार्ग

गौतमबुद्धनगर - 12 मार्ग

गाजियाबाद- 8 मार्ग

गोरखपुर - 10 मार्ग

गोंडा- 4 मार्ग

झांसी - 6 मार्ग

मथुरा- 10 मार्ग

मेरठ- 10 मार्ग

मीरजापुर - 8 मार्ग

मुरादाबाद - 8 मार्ग

प्रयागराज- 10 मार्ग

सहारनपुर- 5 मार्ग

वाराणसी- 10 मार्ग

Deep Pandey

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दीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।

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