मार्च में विभागों ने 1 लाख करोड़ से ज्यादा किए खर्च, साल भर का 18% एक महीने में खपाया
यूपी में साल भर सुस्त चाल से चलते विभागों ने मार्च में एक लाख करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च की। यह रकम साल भर खर्च हुई कुल रकम का तकरीबन 18 प्रतिशत है। बजट खर्च की आपाधापी मंगलवार को भी जारी रही। शासन से वित्तीय स्वीकृतियां जारी होती रहीं।

UP News: यूपी में साल भर सुस्त चाल से चलते विभागों ने मार्च में एक लाख करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च की। यह रकम साल भर खर्च हुई कुल रकम का तकरीबन 18 प्रतिशत है। बजट खर्च की आपाधापी मंगलवार को भी जारी रही। शासन से वित्तीय स्वीकृतियां जारी होती रहीं। वहीं, जिलों से भी स्वीकृत रकम का इस्तेमाल न किए जा सकने की वजह से सरेंडर के प्रस्ताव भी पहुंचते रहे। देर शाम तक ट्रेजरी और शासन में कार्यालय इसी काम के लिए खुले रहे।
वित्तीय वर्ष में अनुपूरक समेत खर्च के लिए सरकार ने 8.65 लाख करोड़ रुपये का बजट पास करवाया था। कोषवाणी पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार तक 5.94 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी थीं। वहीं, आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 5.77 लाख करोड़ रुपये की रकम अब तक खर्च की जा चुकी है। इस साल फरवरी तक वास्तिक रूप से 4.76 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। हालांकि, कोषवाणी के आंकड़ों में 7-8 प्रतिशत अपडेशन के विलंब में बढ़ सकती है। लोक निर्माण विभाग से बजट का तकरीबन 83 प्रतिशत खर्च किए जाने की सूचना है।
आखिरी दिन कॉलेजों को भेजी सेमिनार की रकम
उच्च शिक्षा विभाग ने 50 डिग्री कॉलेजों को आनन-फानन में सेमिनार, सिंपोजियम व वर्कशॉप के लिए धनराशि भेजी है। वर्ष 2025-26 के बजट में डिग्री कॉलेजों को अलग-अलग 10 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक की धनराशि भेजी गई है।
लखनऊ में 2380 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियां
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कलेक्ट्रेट ट्रेजरी में रात 12 बजे तक 2380 करोड़ के बिल पास किए गए। सबसे लेटलतीफ रहे विभागों में सेतु निगम रहा। उच्च शिक्षा, स्टाम्प समेत दर्जन भर विभागों के अधिकारी देर से पहुंचे।
पर्यटन विभाग ने 96 फीसदी तक बजट खपाया
कृषि विभाग की करीब तीन दर्जन योजनाओं में वित्तीय वर्ष के अन्तिम दिन तक 92.61 फीसदी राशि खर्च गई। वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग में 7,051.85 करोड़ रूपये आवंटित किए गए थे। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत पर्यटन विभाग ने 96 फीसदी और संस्कृति विभाग ने 93 फीसदी बजट खपा दिया है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 1801.30 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के सापेक्ष विभाग द्वारा 1729.22 करोड़ रुपये की लगभग 96 प्रतिशत स्वीकृति दी जा चुकी है।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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