
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में दिखे जुड़वा लेकिन पैदा हुई एक बच्ची, सीसीटीवी फुटेज ने खोली सच्चाई
यूपी में बरेली जिला महिला चिकित्सालय में एक बच्ची के जन्म और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में जुड़वा बच्चे होने का मामला उलझ गया है। अस्पताल में लेबर रूम के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में एक ही बच्ची को लेकर स्टाफ बाहर आता दिख रहा है।
यूपी में बरेली जिला महिला चिकित्सालय में एक बच्ची के जन्म और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में जुड़वा बच्चे होने का मामला उलझ गया है। अस्पताल में लेबर रूम के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में एक ही बच्ची को लेकर स्टाफ बाहर आता दिख रहा है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन यही मान रहा है कि अल्ट्रासाउंड जांच में किसी तरह की त्रुटि होने की आशंका है।
भुता के गजनेरा निवासी सुरेश बाबू की पत्नी राजेश्वरी गर्भवती थी। इस दौरान उसने भुता स्थित निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड जांच कराई थी जिसमें जुड़वा बच्चे होने की रिपोर्ट थी। उसके कुछ दिन बाद राजेश्वरी को दिखाने परिवार महिला अस्पताल आया था। यहां भी उसका अल्ट्रासाउंड हुआ और उस रिपोर्ट में भी जुड़वा बच्चे होने की रिपोर्ट दी गई थी। लेकिन जिला महिला चिकित्सालय में जब प्रसव हुआ तो उसने एक बेटी को जन्म दिया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में जुड़वा गर्भ होने और एक बच्ची का ही जन्म होने से मामला सवालों के घेरे में आ गया।
दो घंटे तक हुई जांच
सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने टेक्निकल स्टाफ के साथ लेबर रूम के आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज देखी। प्रसव के समय से लेकर करीब दो घंटे तक रिकार्डिंग चेक किए। इस दौरान स्टाफ एक बच्ची को लेकर ही बाहर आता दिखा है। सीएमएस ने बताया कि फुटेज में दो नहीं बल्कि एक ही बच्चे का जन्म होना सामने आया है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में कोई गलती हो सकती है।
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में जुड़वा गर्भ
जिला महिला अस्पताल में महिला की डिलीवरी ने अधिकारियों से लेकर परिवार तक को चौंका दिया है। महिला ने गर्भावस्था के दौरान सरकारी और प्राइवेट सेंटर में अल्ट्रासाउंड जांच कराई थी जिसमें गर्भ में जुड़वा बच्चे होने की रिपोर्ट मिली थी, लेकिन महिला को सिर्फ एक बेटी पैदा हुई है। अल्ट्रासाउंड जांच से लेकर लेबर रूम तक सवाल उठ रहे हैं। सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने कहा था कि सीसीटीवी फुटेज की जांच होगी।
भुता के गजनेरा निवासी सुरेश बाबू की पत्नी राजेश्वरी गर्भवती थी। इस दौरान उसने रामपुर गार्डेन स्थित निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड जांच कराई थी जिसमें जुड़वा बच्चे होने की रिपोर्ट थी। उसके कुछ दिन बाद राजेश्वरी को दिखाने परिवार महिला अस्पताल आया था। यहां भी उसका अल्ट्रासाउंड हुआ और उस रिपोर्ट में भी जुड़वा बच्चे होने की तस्दीक हुई थी। उसके बाद परिवार मान रहा था कि उसे जुड़वा बच्चे पैदा होंगे। आठ दिसंबर को महिला चिकित्सालय में राजेश्वरी को एक बेटी पैदा हुई है, जबकि परिवार अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर दो बच्चों के जन्म की बात कहता रहा।





