
ध्वजारोहण के लिए 11 कुंतल फूलों से सजेगा राम मंदिर, शिखर पर लेजर लाइट दिखाएंगी सीता स्वयंवर का दृश्य
अयोध्या राम मंदिर पर ध्वजारोहण के लिए आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अयोध्या अभिनंदन करेगी। राम मंदिर को नख से शिख तक 11 कुंतल सुगंधित पुष्पों से सजाने की तैयारी हो गयी है। राम मंदिर के शिखर पर लेजर लाइटों व प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए सीता स्वंयवर प्रदर्शित भी किया जाएगा।
अयोध्या राम मंदिर पर ध्वजारोहण के लिए आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अयोध्या अभिनंदन करेगी। इस अभिनंदन में पांच सौ सालों के संघर्ष की निर्णायक परिणति की खुशी तो झलक ही रही है। साथ में बिहार विधानसभा चुनाव का विजयोत्सव भी सम्मिलित हैं। यही कारण है कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तुलना में ध्वजारोहण समारोह की छटा ही अलग है।

राम मंदिर के शिखर पर लेजर लाइटों व प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए प्रदर्शित भी किया जाएगा, जब भगवान राम व मां सीता एक दूसरे को जयमाल पहनाते दिखेंगे। इन लेजर लाइटों का शुक्रवार की रात्रि में ट्रायल किया गया और शनिवार को भी यह ट्रायल देर रात में किया जाएगा। बताया गया कि प्रोजेक्शन मैपिंग एक ऐसी तकनीक है जो इमारतों, वस्तुओं या प्राकृतिक परिदृश्यों जैसी अनियमित सतहों पर वीडियो और प्रकाश को प्रक्षेपित करती है, जिससे वे गतिशील और कलात्मक प्रदर्शनों में बदल जाते हैं।
इस नयनाभिराम दृश्य को देखकर श्रद्धालुओं का प्रफुल्लित होना तय है। फिलहाल इसके अलावा राम मंदिर को नख से शिख तक 11 कुंतल सुगंधित पुष्पों से सजाने की तैयारी हो गयी है। उधर विवाह पंचमी का दिन है तो यह उत्सव स्वयंमेव महा मंगल उत्सव बन गया है। राम नगरी में ध्वजारोहण को लेकर हर घर में उत्साह देखा जा रहा है।
परिसर के अंदर-बाहर गमलों में चहक रहे पुष्प
श्रीराम जन्मभूमि परिसर के 30 प्रतिशत भू-भाग पर निर्माण के अलावा 70 प्रतिशत भू-भाग को हरा-भरा किया जा रहा है। यह कार्य जीएमआर समूह की ओर से किया जा रहा है। बीते एक साल से चल रहे इस कार्य प्रगति मंदिर निर्माण कार्य के कारण बाधित रही। फिर भी काफी हद तक हरियाली विकसित की गयी है। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए पूरे परिसर को अंदर व बाहर से सुगंधित पुष्पों से सजाने के काम में उद्यान विभाग भी जुट गया है।
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि विभाग जीएमआर समूह के साथ समन्वय का काम कर रहा है जिसे परिसर के अंदर का वातावरण खूबसूरत हो जाए। तीर्थ क्षेत्र के न्यासी व ध्वजारोहण समारोह के मुख्य यजमान डा. अनिल मिश्र व मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव आदि लगातार निगरानी कर रहे।
परकोटा और कुबेर टीला को भी शानदार सजाया जा रहा
परकोटा, उसमें निर्मित छह मंदिर, शेषावतार, सप्त मंडपम व कुबेर टीला को भी अतिरिक्त साढ़े सात कुंतल फूल-मालाओं से सुसज्जित किया जाएगा। वहीं आद्य शंकराचार्य द्वार सहित चारों प्रवेश द्वारों को भी सजाने के लिए स्ट्रक्चर खड़े कर उस पर भगवा रंग का आवरण चढ़ाया जा रहा है।





