
राम मंदिर द्वादशी कार्यक्रम में फेस रीडिंग मशीन से होगी कर्मियों की पहचान, ये रहेंगे इंतजाम
यूपी के अयोध्या में राम मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों में लगे विभिन्न एजेंसियों के करीब तीन हजार कर्मचारियों के आईकार्ड की जांच क्रासिंग वन पर हो रही है। फिर उन्हें क्रासिंग दस से प्रवेश दिया जा रहा है।
यूपी के अयोध्या में राम मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों में लगे विभिन्न एजेंसियों के करीब तीन हजार कर्मचारियों के आईकार्ड की जांच क्रासिंग वन पर हो रही है। फिर उन्हें क्रासिंग दस से प्रवेश दिया जा रहा है। क्रासिंग दस के नये रास्ते पर कर्मचारियों की पहचान को पुख्ता करने के लिए यहां सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत फेस रीडिंग मशीन लगा दी गयी है।
इसके अलावा शारीरिक जांच के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) के अलावा फ्रीस्किंग (हैंडसेट) से जांच कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त यहां बैगेज स्कैनर भी स्थापित किया गया है। इस बैगेज स्कैनर में कर्मचारियों के सामानों झोले अथवा बैग की जांच की जाती है। उधर भवन-निर्माण समिति की विधिवत बैठक शनिवार से शुरू होगी। यह बैठक रविवार को भी चलेगी।
इस बैठक में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के साथ दूसरे चरण के निर्माण को लेकर भी विचार विमर्श किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अन्तर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा भी होगी। इस बैठक के लिए अयोध्या पहुंचे समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने हनुमानगढ़ी व राम मंदिर में दर्शन पूजन किया। इसके साथ ही निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्रासिंग दस की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया।
आदि गुरु रामानुजाचार्य प्रवेश द्वार भी खुल गया
राम मंदिर के चार प्रवेश द्वारों में से तीसरा द्वार भी खुल गया है। यह उत्तरी द्वार है जिसे आदि गुरू रामानुजाचार्य प्रवेशद्वार नामकरण किया गया है। इस द्वार से अभी आवागमन नहीं शुरू हुआ है। बताया गया कि इस प्रवेश द्वार से वीवीआईपी का प्रवेश होगा। फिलहाल रास्ते के दुरुस्तीकरण के साथ यहां प्रवेश द्वार पर लगा स्टील गेट भी बदला जाना है। राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार इस गेट को लगाए जाने के बाद निरीक्षण करने आए भवन-निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र व समिति सदस्यों को गेट की डिजाइन पसंद नहीं आई। इसके कारण यहां टाइटेनियम का गेट बनाने के निर्देश के साथ डिजाइन भी बदलने का फरमान मिला।
पीएम के कार्यक्रम के लिए उत्तरी द्वार का काम रोका गया था
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) के स्थानिक अभियंता का कहना है कि टाइटेनियम के प्रस्ताव के कारण गेट की लागत तीन गुना से अधिक बढ़ गई है। बताया गया कि पहले लोहे के गेट की लागत पांच लाख थी जो अब बढ़कर 16 लाख हो गयी है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर के प्रस्तावित सभी तीन प्रवेश द्वारों पर टाइटेनियम के ही गेट लगाए जाने का आदेश है। बताया गया कि ध्वजारोहण समारोह के दृष्टिगत आद्य गुरु शंकराचार्य प्रवेश द्वार के निर्माण की प्राथमिकता निर्धारित हो जाने के कारण यहां काम रोक दिया गया था। अब शंकराचार्य प्रवेश द्वार पूर्ण हो चुका है। फिनिशिंग का छिटपुट काम चल रहा है। वह भी एकाध दिन में खत्म हो जाएगा। इस बीच क्रासिंग थ्री यानि आद्य गुरु माध्वाचार्य प्रवेश द्वार के निर्माण की तैयारी चल रही है। यहां अगले हफ्ते से काम शुरू हो सकता है।

लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। सृष्टि ने इंडिया न्यूज के साथ भी लंबे समय तक काम किया। 2020 से वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं।
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