
26 लाख दीयों से आज रोशन होगा सरयू घाट, आसमान में ड्रोन और लेजर शो से दिखेंगे सनातन के रंग
संक्षेप: अयोध्या में शनिवार को दीपोत्सव का मॉक ड्रिल किया गया। इस साल दीपोत्सव पर 1100 ड्रोन की कोरियोग्राफी और 2100 वैदिक आचार्य सरयू पर आरती करेंगे। 26 लाख दीयों से सरयू घाट को रोशन किया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी होने के बाद मॉक ड्रिल किया गया।
अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। रविवार को प्रभु श्रीराम की नगरी में सरयू घाट 26 लाख दीयों से रोशन होंगे। शनिवार को आयोजन का पूर्वाभ्यास हुआ। 1100 ड्रोन की कोरियोग्राफी की झलक अयोध्यावासियों ने देखी। 2100 वैदिक आचार्यों ने रविवार को होने वाली आरती का अभ्यास भी किया।

इस साल का दीपोत्सव बीते वर्षों से अधिक भव्य और दिव्य होगा। अयोध्या आस्था, संस्कृति और आधुनिकता के अद्भुत संगम की साक्षी बनेगी। पूरे शहर को दीपों, रंगों और रोशनी से सजाया गया है। सुबह से रात तक चलने वाला यह आयोजन धार्मिक परंपराओं की गरिमा और तकनीक की चमक का संगम होगा।
सुबह शोभा यात्रा के साथ उत्सव की शुरुआत होगी, जिसमें श्रीराम के जीवन प्रसंगों को झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। दोपहर में रामराज्य की प्रतीकात्मक झलक पेश करते हुए प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक होगा। शाम होते ही सरयू घाटों पर 26,11,101 दीये जगमगाएंगे।
एक स्थान पर एक साथ इतने दीये जलने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा। बीते साल में रिकॉर्ड बना था, वह इस साल के दीपोत्सव में टूटेगा। सरयू आरती और दीप प्रज्जवलन के बाद राम की पैड़ी पर थ्री-डी प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर लाइट और एरियल ड्रोन शो के माध्यम से महाकाव्य रामायण को आकाश में जीवंत किया जाएगा।
इन आयोजनों के बाद रामकथा पार्क में सांस्कृतिक संध्या होगी, जहां रामलीला का मंचन होगा। रामलीला के मंचन, भजन संध्या और दीपोत्सव की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पार्क में सम्मानित किया जाएगा।
ड्रोन शो बना आकर्षण का केंद्र
शनिवार को हुए पूर्वाभ्यास में 1100 ‘मेक इन इंडिया’ ड्रोन का अयोध्या के आसमान में भव्य प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। ड्रोन की रोशनी ने आकाश के अंधेरे को चीरते हुए आस्था, तकनीक और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। ड्रोन ने जब प्रभु श्रीराम के धनुषधारी रूप, रावण वध, भव्य राम मंदिर, बाल रूप रामलला और हनुमान की दिव्य आकृतियां उकेरीं तो लोग आस्था और उल्लास से भर गए।
भक्तों की प्रसन्नता ही हमारी प्राथमिकता: मंत्री
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पूर्वाभ्यास उसी भव्यता और सटीकता से हुआ, जैसे रविवार को मुख्य आयोजन होगा। पर्यटन विभाग सभी श्रद्धालुओं और दर्शकों को अद्भुत व दिव्य अनुभव प्रदान करने के लिए तैयारी में जुटा है। भक्तों की प्रसन्नता ही हमारी प्राथमिकता है। अयोध्या का दीपोत्सव केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की सनातन आत्मा और संस्कृति का प्रतिबिंब है।





