रामनगरी की चौरासी कोसी परिक्रमा तीन अप्रैल से शुरू, 260 किमी 24 को होंगे पूर्ण
अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद के हनुमान मंडल के तत्वावधान में हजारों की संख्या में परिक्रमार्थी रामनगरी की 84 कोसी परिक्रमा करेंगे। यह परिक्रमा तीन अप्रैल को मखौड़ा धाम बस्ती से शुरू होगी। दो अप्रैल को परिक्रमार्थियों का जत्था कारसेवक पुरम से अपराह्न तीन बसों से रवाना होगा।

अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद के हनुमान मंडल के तत्वावधान में हजारों की संख्या में परिक्रमार्थी रामनगरी की 84 कोसी परिक्रमा करेंगे। यह परिक्रमा तीन अप्रैल को मखौड़ा धाम बस्ती से शुरू होगी। दो अप्रैल को परिक्रमार्थियों का जत्था कारसेवक पुरम से अपराह्न तीन बसों से रवाना होगा। यह जानकारी बुधवार को तीर्थ क्षेत्र कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए परिक्रमा प्रभारी सुरेंद्र सिंह व विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल को परिक्रमा को विराम देने से पहले सभी परिक्रमार्थी रामकोट की परिक्रमा करते हुए सीताकुंड में दर्शन करेंगे। बताया गया कि 260 किमी की यह परिक्रमा अयोध्या व बस्ती-गोंडा सहित पांच जनपदों की सीमाओं का स्पर्श करती है। रास्ते में दो स्थानों पर परिक्रमार्थियों को सरयू नदी नाव से पार करनी होती। उन्होंने पूर्व सांसद लल्लू सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से परिक्रमा पथ राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित हो गया है और दोनों स्थानों पर पर पुल का निर्माण एनएचआई के द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो साल में निर्माण पूरा हो जाने पर पर्यटन विकास बढ़ेगा।
भीड़ नियंत्रण पर समाधान की कवायद
भीड़ नियंत्रण को लेकर स्थायी समाधान की कवायद है। रामपथ के डिवाइडर पर धीरे-धीरे लोहे की जालियों को लगाने की संख्या को बढ़ाया जा रहा है। रामजन्मभूमि निकास मार्ग के सामने जालियों को लगाने का काम पूरा हो गया है। दो माह पहले रामधाम के व्यापारियों ने जाली लगाने की व्यवस्था को व्यापार के दृष्टिकोण से अहितकर बताकर इसका विरोध किया था, और डिवाइडर पर लग रही जालियों को उखाड़ फेंका था।
इसके बाद बीते नौ जनवरी को विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने व्यापारियों के समर्थन में मौके पर पहुंचकर काम को रुकवा दिया था। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर की थी कि रेलिंग लगाने की जानकारी उन्हें नगर निगम और विकास प्राधिकरण ने नहीं दी। व्यापारियों का तर्क था कि डिवाइडर के बीच में रेलिंग लग जाने से धाम के व्यापारी व नागरिक दो भागों में बढ़ जाएंगे और किसी आपातकालीन स्थिति के समय आवागमन करना संभव नहीं होगा। विरोध के बाद जाली लगाने की कार्रवाई को रोक दिया गया था।
अब एक बार फिर राम जन्मभूमि निकास मार्ग के बगल से लेकर कुछ मीटर तक डिवाइडर पर लोहे की जाली लगा दी गई है। व्यापारियों का अनुमान है कि अब इसी तरह धीरे-धीरे लता मंगेशकर चौराहे तक स्थाई रेलिंग लगा दी जाएगी। क्योंकि रेलिंग लगाने का ठेका बहुत पहले ही हो चुका है।
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लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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