Hindi NewsUP NewsUP Assembly Winter session from 19th, Yogi government will also present supplementary budget
यूपी विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 से, अनुपूरक बजट भी पेश करेगी योगी सरकार

यूपी विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 से, अनुपूरक बजट भी पेश करेगी योगी सरकार

संक्षेप:

उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से शुरू होगा। 24 दिसंबर तक चलने वाले सत्र के दौरान योगी सरकार अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। सत्र के दौरान मतदाता पुनरीक्षण अभियान यानी एसआईआर पर चर्चा की भी संभावना जताई जा रही है।

Dec 10, 2025 08:05 am ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। मंगलवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के माध्यम से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। अब इसे औपचारिक अनुमोदन के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने शीतकालीन सत्र की पुष्टि करते हुए बताया कि यह सत्र काफी छोटा रहने की संभावना है। इसे 24 दिसंबर तक संचालित किए जाने का अनुमान है। हालांकि सत्र की अवधि छोटी है, लेकिन इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय कार्यों को निपटाया जाएगा।

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राज्य सरकार इस शीतकालीन सत्र के दौरान चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश करेगी। अनुपूरक बजट उन अतिरिक्त खर्चों और नई योजनाओं के लिए आवश्यक होता है, जिनके लिए मुख्य बजट में प्रावधान नहीं किया गया था या जो बाद में सामने आए हैं। यह बजट प्रदेश के विकास कार्यों को गति देने और कुछ नई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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विधानसभा में SIR पर होगी चर्चा

माना जा रहा है कि दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश की सभी विधानसभाओं में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हो सकती है। एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूचियों को त्रुटि रहित बनाना है। विपक्ष द्वारा अक्सर मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के आरोप लगाए जाते रहे हैं, ऐसे में यह विषय सदन में गरमागरम बहस का मुद्दा बन सकता है।

सरकार की कोशिश रहेगी कि वह अनुपूरक बजट को पारित कराने के साथ ही अन्य आवश्यक अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक (रिप्लेसिंग बिल) को भी कानून का रूप दे सके। सत्र के दौरान विपक्षी दल, कानून व्यवस्था, किसानों के मुद्दे और विकास कार्यों में हुई कथित देरी को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे, जिसके चलते सदन में हंगामा होने की भी पूरी संभावना है। यह सत्र, हालांकि संक्षिप्त होगा, लेकिन वर्ष 2025 के अंत में सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी चुनावों से पहले की तैयारियों को स्पष्ट करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।