यूपी विधानसभा चुनाव या जनगणना दिसंबर में ही कराना मजबूरी, दिल्ली से संकेत मिलते तैयारियां शुरू
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ कार्यकाल से फरवरी मार्च में विधानसभा चुनाव होते रहे हैं। इस बार फरवरी मार्च में ही संभावित चुनाव के साथ जनगणना भी प्रस्तावित है। ऐसे में दिल्ली ने नई तैयारी शुरू कर दी है।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और जनगणना का समय टकराने के कारण आ रही दिक्कतें अब लगभग दूर होती दिखाई दे रही हैं। पहले संभावना जताई जा रही थी कि फरवरी मार्च में विधानसभा चुनाव जनगणना के कारण चुनाव पहले कराया जा सकता है। अब दिल्ली से जनगणना पहले कराने के संकेत मिल गए हैं। फरवरी मार्च में विधानसभा चुनाव और उसके बाद बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों के कारण प्रदेश में जनगणना का ही कार्यक्रम बदलने की तैयारी कर ली गई है। फरवरी 2027 में प्रस्तावित जनगणना अब दिसंबर में ही शुरू कराने की कवायद तेज हो गई है। गृह मंत्रालय से मिले संकेतों के बाद जनगणना निदेशालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सोमवार को राजधानी लखनऊ निदेशालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के साथ प्रशिक्षण हुआ। मंगलवार को कलक्ट्रेट में भी अफसरों ने बैठक कर जनगणना को लेकर रणनीति तैयार की। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक एक दिसंबर 2026 से जनगणना शुरू होकर पांच जनवरी 2027 तक चलेगी। इसके बाद महज पांच दिन में डाटा तैयार कर 10 जनवरी तक गृह मंत्रालय को भेजने का लक्ष्य है।
इस तरह से जनगणना निदेशालय और जिला प्रशासन के पास अब पूरी प्रक्रिया की तैयारी के लिए करीब 90 दिन ही बचे हैं। इसे देखकर अधिकारियों को पसीना आने लगा है। कर्मचारियों का चयन, उनके प्रशिक्षण, क्षेत्रवार ड्यूटी तय करना, फील्ड का निर्धारण व अन्य व्यवस्थाएं कम समय में पूरी करनी होंगी।
चुनाव और परीक्षा के कारण बदला कार्यक्रम
जनगणना का कार्यक्रम बदलने के पीछे विधानसभा चुनाव और बोर्ड परीक्षाओं को प्रमुख वजह माना जा रहा है। प्रदेश सरकार का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है। इससे पहले विधानसभा चुनाव होना है। इसी दौरान यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी प्रस्तावित रहती हैं। जिलाधिकारी विशाख जी ने सितम्बर माह में ही जनगणना की सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई, जिसमें कार्मिकों की उपलब्धता, प्रशिक्षण, चार्ज निर्धारण, मानचित्रों के सत्यापन तथा एचएलबी/ईवी के पुनर्गठन की समीक्षा की गई।
चुनाव के लिए भी तैयारी पूरी होने का दावा
हालांकि यूपी के सभी राजनीतिक दलों ने समय से पहले चुनाव होने की स्थिति में भी अपनी तैयारी पूरी होने का दावा किया है। रविवार को ही राजधानी में भाजपा, सपा और बसपा तीनों ने बड़ी बैठकों का आयोजन किया। सपा ने चुनावी अभियान का शुभारंभ भी मंगलवार से कर दिया है। भाजपा का बड़ा अभियान प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होगा। बसपा ने भी अपने नेताओं को फिल्ड में जाने और लोगों से संपर्क करने का निर्देश देते हुए रणनीति बनाई है।


