राम मंदिर की तरह इस मंदिर के चंदे के लेखे-जोखे पर उठे सवाल, ऑडिट कराने की मांग

वरिष्ठ संवाददाता, अलीगढ़
Follow us on Google News
share

अलीगढ़ में वार्ष्णेय मंदिर पाटोत्सव के 51 लाख के चंदे के लेखे-जोखे पर सवाल उठ रहे हैं। सालभर त्योहारों के उपलक्ष्य में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। प्रमुख मंदिरों में मोटा चढ़ावा आता है।

अलीगढ़ के वार्ष्णेय मंदिर पाटोत्सव के चंदे के लेखे-जोखे पर उठे सवाल

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले के सामने आने के बाद अब अलीगढ़ के प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे और आर्थिक पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी क्रम में वार्ष्णेय मंदिर सोसाइटी की आय-व्यय व्यवस्था और पाटोत्सव के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वार्ष्णेय मंदिर लगभग 26 वर्ष पुराना है।

पिछले दिनों मंदिर समिति से जुड़े कुछ सदस्यों को एक जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक की प्राप्ति व भुगतान का लेखा भेजा गया। इसके अलावा एक खर्च का ब्यौरा वार्ष्णेय मंदिर पाटोत्सव व जन्माष्टमी 2025 भी सार्वजनिक किया गया। इस रिकार्ड के अनुसार 51 लाख रुपये का चंदा पिछले वर्ष हुए मंदिर के पाटोत्सव के लिए एकत्रित हुआ। इस धनराशि को व्यय पाटोत्सव पर 35 लाख 36 हजार 958 रुपए, जन्माष्टमी पर दो लाख नौ हजार 548 रुपए खर्च करना दर्शाया गया।

वहीं मंदिर से प्राप्त वापिसी एक लाख 21 हजार रुपए दर्शाई गई। वहीं मंदिर प्रबंधन ने 12 लाख 38 हजार 993 रूपए अंतिम शेष दिखाए। हालांकि समाज से जुड़े कुछ लोगों ने इस आय-व्यय के रिकार्ड को लेकर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, शहर के लगभग 112 ऐसे सदस्य हैं, जिनसे प्रतिमाह एक हजार रुपए की रसीद काटकर चंदा लिया जाता है।

ऐसे में श्रद्धालुओं और समाज के लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि वर्षों से प्राप्त हो रही इन राशियों और मंदिर में आने वाले चढ़ावे का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता। इसी बीच मंदिर सोसाइटी की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि लाखों रुपये का चंदा और नियमित सदस्यता शुल्क लिया जा रहा है, तो उसकी आय-व्यय का वार्षिक विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा और किसी भी प्रकार की शंका या विवाद की स्थिति नहीं बनेगी।

सदस्यों ने की मांग, स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए

समाज के कई वरिष्ठ सदस्यों ने मांग की है कि मंदिर की आय, चढ़ावे, दान, सदस्यता शुल्क और विभिन्न आयोजनों पर होने वाले खर्च का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सभी सदस्यों और श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत की जाए। उनका मानना है कि धार्मिक संस्थानों में आर्थिक पारदर्शिता समय की आवश्यकता है।

संस्थापक अध्यक्ष, राधेलाल गुप्ता ने कहा कि 2026 में 12-13 लाख का चंदा हुआ है। जो शिकायत कर रहे हैं करते रहें। रजिस्ट्रार ने हमारे पक्ष में निर्णय दिया है। कमिश्नरी में भी हमने अपना जवाब दिया है। जो शिकायत कर रहे हैं, उन्हें मंदिर से कोई लेना देना नहीं है। सिर्फ माहौल को खराब करने का प्रयास है। शिकायत करने वाले आकर जिम्मेदारी संभाल कर देखें। किसी को मना नहीं किया है। मंदिर के कई कार्यक्रम व्यक्तिगत रूप से कराए जाते हैं। किसी से चंदा तक नहीं लिया जाता।

वार्ष्णेय मंदिर, ऑडिटर, सीए अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि 2025 व 2026 में मेरे द्वारा कोई ऑडिट नहीं किया गया है। जो भी आय-व्यय का लेखा-जोखा कहीं पर भी प्रस्तुत किया गया है, वह ऑडिटर द्वारा ऑडिट किया हुआ नहीं है।

वार्ष्णेय मंदिर, कार्यकारिणी सदस्य, अनुज वार्ष्णेय अन्नू ने कहा कि वार्ष्णेय मंदिर की स्थापना जब से हुई है, तभी से प्रत्येक वर्ष शहरभर से चंदा एकत्रित होता आया है। जो व्यवस्था वाले सदस्य हैं, उनके एक हजार रुपए ‌अन्य लोगों से भी चंदा लिया जाता है। अब मंदिर के हॉल में गोद भराई, उठावनी व तेरहवीं कराई जाती हैं। इन कार्यक्रमों से होने वाली आय कहां दर्शाई जा रही है। दो साल से खर्चे का कोई भी ऑडिट नहीं कराया गया है।

Srishti Kunj

लेखक के बारे में

Srishti Kunj

सृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।