
प्रोफेसर ने दो साल तक किया शोधार्थी का रेप, शादी का झांसा देकर करता रहा गंदा काम
यूपी के आगरा में डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर पर उसकी शोधार्थी ने शारीरिक शोषण का मुकदमा दर्ज कराया है। खंदारी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ बेसिक साइंस (आईबीएस) के रसायन विज्ञान विभाग के एक प्रोफेसर पर आरोप है कि दो साल तक शादी का झांसा देकर उसके साथ गलत करते रहे।
यूपी के आगरा में डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर पर उसकी शोधार्थी ने शारीरिक शोषण का मुकदमा दर्ज कराया है। खंदारी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ बेसिक साइंस (आईबीएस) के रसायन विज्ञान विभाग के एक प्रोफेसर पर आरोप है कि दो साल तक शादी का झांसा देकर उसके साथ गलत करते रहे।

पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें होटलों में दुष्कर्म, कार्यालय में बुलाकर छेड़छाड़, मोबाइल तोड़ने की कोशिश और करियर बर्बाद करने की धमकी जैसे आरोप लगाए। शोधार्थी ने पुलिस अधिकारियों को ऑडियो भी उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मामले को गंभीर बताते हुए आंतरिक जांच की बात कही है। जब इस संबंध में प्रोफेसर से संपर्क किया गया तो उनका फोन स्विच ऑफ मिला।
शोधार्थी के आरोप हैं रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर उसकी पीएचडी के गाइड हैं। शोधार्थी के अनुसार, प्रोफेसर ने शादीशुदा होने के बावजूद बहला-फुसलाकर शादी का वादा किया और दो वर्षों तक शारीरिक शोषण करते रहे। जब शादी के लिए दबाव डाला गया तो टालमटोल करने लगे। इसके बाद सबूत मिटाने की कोशिश की। इस मामले में पीड़िता ने बताया कि प्रोफेसर उन्हें खजुराहो ले गए, जहां तीन दिन तक होटल में रखकर उसका शोषण किया। इसके बाद हाल ही में बरसाना के एक होटल में भी इसी तरह का कृत्य किया गया। शादी का दबाव डालने पर उन्होंने इंकार कर दिया और करियर बर्बाद करने की धमकी दी।
शोधार्थी ने आरोप लगाया है कि शनिवार को अपने कार्यालय में बुलाकर हाथापाई की और मोबाइल छीनकर तोड़ने की कोशिश करने लगे, ताकि फोटो, ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे सबूत नष्ट हो जाएं। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। शोधार्थी का आरोप है प्रोफेसर अक्सर छुट्टी वाले दिन बुलाते थे।
न्यू आगरा के इंस्पेक्टर, राजीव त्यागी ने कहा कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पर दो साल तक शारीरिक शोषण करने की बात पीड़िता की ओर से कही गई है। इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कुलपति, प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय को कोई इस तरह की शिकायत नहीं मिली है। यदि मामला है तो बेहद गंभीर है। विश्वविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ के माध्यम से इसकी जांच कराई जाएगी।





