
नशा करने से रोकने पर मां की हत्या कर मिट्टी में दबाई लाश, दोषी बेटे को उम्रकैद
यूपी के आगरा में नशा करने से मना करने पर अपनी मां विमला देवी (55) की फावड़े से हत्या के मामले में आरोपी पुत्र राहुल, निवासी प्रकाश नगर एत्मादुद्दौला, को अदालत ने दोषी पाया। अपर जिला जज पुष्कर उपाध्याय ने उसे आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
यूपी के आगरा में नशा करने से मना करने पर अपनी मां विमला देवी (55) की फावड़े से हत्या के मामले में आरोपी पुत्र राहुल, निवासी प्रकाश नगर एत्मादुद्दौला, को अदालत ने दोषी पाया। अपर जिला जज पुष्कर उपाध्याय ने उसे आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजीसी हेमंत दीक्षित ने गवाह और अहम साक्ष्य प्रस्तुत किए।

घटना 18 अप्रैल 2015 की है। वादी तेज सिंह ने थाना एत्मादुद्दौला में तहरीर दी उसका पुत्र राहुल नशे का आदी था। मकान बेचने से मना करने पर उसने मां को कमरे में ले जाकर कुंडी लगा दी। पुलिस के आने पर भी दरवाजा नहीं खोला। दरवाजा तोड़ने पर मां की लाश मिट्टी में दबाई हुई मिली। केवल हाथ बाहर दिखाई दे रहे थे।
आरोप था कि राहुल ने नल के हत्थे और फावड़े से मां की हत्या की। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया। घटनास्थल से फावड़ा, नल का हत्था, चूड़ी के टुकड़े, खून सनी मिट्टी और आरोपी के खून से सने कपड़े बरामद किए गए। विवेचक ने 22 अप्रैल 2015 को आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
पत्नी चली गई थी छोड़ कर
विवेचना में यह भी निकल कर आया कि आरोपी राहुल नशे में रहता था और कोई काम नहीं करता था। इस बात से नाराज होकर उसकी पत्नी भी उसके कृत्य की वजह से करीब दो वर्ष पूर्व बच्चों को लेकर छोड़कर चली गई थी।
पिता, भाई व पड़ोसी की गवाही रही अहम
अभियोजन की ओर से एडीजीसी हेमंत दीक्षित ने वादी तेज सिंह, प्रत्यक्ष दर्शी गवाह/मृतका का पुत्र हरीबाबू उर्फ कान्हा, डॉ. डीपी सिंह, एसआई राजीव तोमर, स्वतंत्र गवाह बबलू, तहरीर लेखक अंकुश, सेवानिवृत्त एसआई रूकमपाल शर्मा, विवेचक शैलेंद्र सिंह, पुलिसकर्मी रवेंद्र सिंह समेत नौ गवाह पेश किए। इसमें वादी, भाई हरीबाबू उर्फ कान्हा एवं स्वतंत्र गवाह/पड़ोसी बबलू की गवाही अहम रही।





