किसान के लिए रोना बना मौसम सुहाना, बारिश से खेत में फसल सड़ने का खतरा, सरकार अलर्ट

Apr 08, 2026 05:42 pm ISTRitesh Verma हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान टीम
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UP Crop Damage: बेमौसम बारिश से खेत में गेहूं समेत दूसरी फसलों के सड़ने के खतरे की आशंका के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरकारी अधिकारियों को तत्काल सर्वे और क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

किसान के लिए रोना बना मौसम सुहाना, बारिश से खेत में फसल सड़ने का खतरा, सरकार अलर्ट

UP Crop Damage: गर्मी के सीजन में बेसौसम बरसात से जहां शहरी आबादी को मौसम सुहाना लग रहा है, वहीं गांव में किसानों के लिए यह रोना बन गया है। गेहूं और रबी सीजन की दूसरी फसलें बारिश से खेत में गीली हो चुकी हैं और उनके सड़ने का खतरा बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरी सक्रियता और मुस्तैदी से किसानों और बटाईदारों के फसल नुकसान का सर्वे करके फसल क्षतिपूर्ति की सहायता राशि का भुगतान करने कहा है।

सीएम योगी ने बुधवार की सुबह किसानों के नुकसान को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली और अफसरों से कहा है कि प्रत्येक प्रभावित किसान एवं बटाईदार के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष एवं समयबद्ध आकलन कर तत्काल क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जनपद स्तर पर राजस्व, कृषि एवं संबंधित विभागों में समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र सर्वेक्षण कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाए, ताकि राहत वितरण में किसी प्रकार का विलंब न हो। सीएम ने बीमा कंपनियों से समन्वय स्थापित कर फसल बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए हैं। राज्य आपदा राहत कोष से प्रत्येक जनपद को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने कहा गया है। जरूरत के हिसाब से राहत शिविर लगाने भी कहा गया है।

फिर बदला मौसम, बूंदाबांदी से गेहूं की फसल पर संकट के बादल

गोंडा के करनैलगंज इलाके में बेमौसम आंधी और बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। साल भर की मेहनत के बाद तैयार गेहूं की फसल को घर तक सुरक्षित लाने में अब कुदरत रोड़ा अटका रही है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आंधी के कारण गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। बारिश ने कटी फसल और फसल के बांधे हुए बोझ को भिंगो दिया है। किसानों का कहना है कि गेहूं की मड़ाई (थ्रेशिंग) के लिए तेज धूप और सूखी फसल की जरूरत होती है, लेकिन नमी के कारण थ्रेशर मशीनों का पहिया थम गया है। जिन किसानों ने फसल काट ली है, वे उसे तिरपाल से ढककर बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। बारिश और नमी के कारण न केवल अनाज की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है, बल्कि भूसा भी गीला हो गया है। इससे आने वाले समय में पशुओं के चारे के लिए भी किल्लत पैदा हो सकती है।

सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश, रात से ही ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली गुल

श्रावस्ती में रात में आई तेज हवा के कारण बिजली गुल हो गई। वहीं सुबह से रुक-रुक कर बारिश से गेहूं कटाई और मड़ाई का काम बंद हो गया है। खेतों में कटी फसल भींग गई है। इससे नुकसान हो सकता है। अप्रैल में अब तक तीन बार मौसम खराब हुआ है। चार दिन पहले भी हल्की बारिश हुई थी। इसके बाद मौसम साफ हुआ तो किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई फिर करने लगे। लेकिन मंगलवार रात से मौसम फिर खराब हो गया। बारिश के कारण गेहूं की कटाई और मड़ाई बंद है। कटी पड़ी फसल खराब होने की आशंका है। मौसम को देखते हुए किसान परेशान हैं।

रायबरेली में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-पानी से फसलों को भारी नुकसान

रायबरेली जिले में बीते दो दिनों से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। रुक-रुक कर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार बदल रहे मौसम से इलाके में गेहूं और सरसों की फसलें खेतों में गिर गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है। डीएम हर्षिता माथुर ने सभी तहसीलों को नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं।

बेमौसम बारिश से बेहाल किसानों को बड़ी राहत की तैयारी, सीएम योगी का अफसरों को यह निर्देश

किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार है। खेतों में कहीं कटाई चल रही है तो कहीं कटाई की तैयारी की जा रही है। ऐसे में अगर मौसम साफ नहीं हुआ तो खेतों में पकी फसल बर्बाद हो जाएगी। बीते एक सप्ताह से कभी आंधी-तूफान तो कभी बारिश से फसलें वैसे ही जमीन पर गिर चुकी हैं। फिर आसमान में बादल छाए हैं। ऐसे में ज्यादा बारिश से फसलें खेतों में ही सड़ सकती हैं। इससे किसानों के सामने परिवार चलाने का भी संकट आ सकता है। खेतों में पानी भरने से कटाई का काम भी ठप हो गया है।

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कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रायबरेली में लगभग पांच हजार बीघा में गेहूं की पकी फसल खड़ी है, जो आंधी-बारिश से प्रभावित हो सकती है। नुकसान का कोई फौरी आंकड़ा नहीं है, लेकिन प्रशासनिक टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। अफसरों का कहना है कि सर्वे के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मंगलवार शाम बारिश शुरू होने के बाद बुधवार तक आसमान साफ नहीं हुआ है, इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

आंधी पानी ने किसानों को दिया दर्द ,फसलों को सहेजने की जद्दोजहद जारी

अयोध्या में मंगलवार शाम एक बार फिर मौसम ने करवट ली और आंधी के साथ तेज बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो बुधवार को दोपहर बाद भी जारी है। बिगड़े मौसम ने किसानों की धड़कन को बढ़ा दिया है। किसानों के लिए अप्रैल माह दर्द लेकर आया है। महीने की शुरुआत से ही आंधी पानी ने दस्तक दे दी थी। खराब मौसम से किसानों को नुकसान हुआ है। स्थानीय किसान बताते हैं कि क्षेत्र में अभी 75 फीसदी गेहूं की फसल खेतों में ही है। अगर मौसम ऐसे ही खराब रहा तो फसल पूरी तरह चौपट हो जाएगी।

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ग्रामीण बताते हैं कि आंधी और पानी आने के कारण गेहूं की खड़ी फसल का दाना गिरने से काला पड़ गया है। किसान मंगलवार की सुबह से फसल काटने में जुटे थे, लेकिन शाम को एक बार फिर तेज आंधी के साथ हुई बूंदा-बांदी ने नुकसान कर दिया। किसान बताते हैं की आंधी आने से आम की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों का कहना है कि बेमौसम बरसात और आंधी ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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