Hindi NewsUP NewsUnnecessary anger, fear or crying are not mood swings but a sign of brain stroke
बेवजह गुस्सा, डर या रोना 'मूड स्विंग' नहीं, ब्रेन स्ट्रोक का संकेत; डॉक्टरों की केस स्टडी से खुलासा

बेवजह गुस्सा, डर या रोना 'मूड स्विंग' नहीं, ब्रेन स्ट्रोक का संकेत; डॉक्टरों की केस स्टडी से खुलासा

संक्षेप:

छोटी-छोटी बातों पर अचानक गुस्सा, बेवजह डर या रोने की आदत को अक्सर लोग तनाव या मूड स्विंग मानकर टाल देते हैं, लेकिन सर्दी के मौसम में यही बदलाव ब्रेन स्ट्रोक की खामोश चेतावनी हो सकते हैं।

Jan 04, 2026 08:26 am ISTPawan Kumar Sharma आशीष दीक्षित, कानपुर
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कानपुर। प्राइवेट जॉब करने वाले 32 वर्षीय युवक बीते कुछ दिनों से छोटी-छोटी बातों पर अचानक गुस्सा करने लगा। परिवार ने इसे काम का तनाव और नींद की कमी मानकर नजरअंदाज किया। दो दिन बाद युवक को अचानक बोलने में दिक्कत हुई और दायां हाथ सुन्न पड़ गया। जांच में ब्रेन के फ्रंटल लोब में स्ट्रोक की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के मुताबिक समय रहते अस्पताल पहुंचने से उसकी जान बच सकी।

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इसी तरह 38 वर्षीय महिला को बिना किसी कारण घबराहट, डर और रोने की समस्या शुरू हो गई। तेज सिरदर्द के साथ चक्कर आया और शरीर का बायां हिस्सा कमजोर हो गया। जांच के बाद पता चला कि लिम्बिक सिस्टम में रक्त प्रवाह कम होने से स्ट्रोक हुआ है। सर्दी में अचानक गुस्सा आना, बेवजह डर लगना, बिना कारण रो पड़ना या छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन, अक्सर लोग इसे तनाव, थकान या मूड स्विंग समझकर टाल देते हैं, लेकिन यही लक्षण ब्रेन स्ट्रोक की खामोश दस्तक भी हो सकते हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की केस स्टडी रिपोर्ट ने इस ओर गंभीर चेतावनी दी है।

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रिपोर्ट के मुताबिक बीते 15 दिनों में ही सर्दी के दौरान ब्रेन स्ट्रोक के 230 मरीज अस्पताल पहुंचे, जिनमें से 65 प्रतिशत मरीज 25 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। हैरानी वाली बात यह है कि 25 प्रतिशत मरीजों में स्ट्रोक से पहले अचानक गुस्सा, बेवजह डर, रोना, घबराहट और अत्यधिक भावुकता जैसे लक्षण सामने आए थे, जिन्हें मरीज और उनके परिजनों ने मानसिक तनाव या सामान्य मूड बदलाव मानकर नजरअंदाज कर दिया। यही लापरवाही आगे चलकर खतरनाक साबित हुई।

जानिए क्यों बदल रहा है अचानक व्यवहार

न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह के अनुसार, अचानक स्वभाव बदलने के पीछे की मुख्य वजह गंभीर है। हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल मस्तिष्क की रक्त नलिकाओं को संकुचित कर देता है। इसका सीधा असर दिमाग के फ्रंटल लोब और लिम्बिक सिस्टम पर पड़ता है, जो व्यवहार और निर्णय क्षमता को नियंत्रित करते हैं। जब इन हिस्सों में खून की सप्लाई अचानक कम हो जाती है तो व्यक्ति असामान्य रूप से चिड़चिड़ा, डरपोक, आक्रामक या जरूरत से ज्यादा भावुक हो जाता है। कई मामलों में यही शुरुआती संकेत बाद में बड़े स्ट्रोक में तब्दील हो जाते हैं।

बिगड़ी दिनचर्या, खानपान से पहले ही हाई रिस्क : डॉ. मनीष कहते हैं कि युवा वर्ग काम का दबाव, नींद की कमी, अनियमित खानपान और नशे की आदतों के चलते पहले से ही हाई रिस्क में है। ऐसे में सर्दी के मौसम में खून का गाढ़ा होना स्ट्रोक का खतरा और बढ़ा देता है। व्यवहार में अचानक बदलाव को हल्के में न लें, क्योंकि यह दिमाग की गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है।

ये लक्षण न करें नजरअंदाज

अचानक गुस्सा या डर लगना

बेवजह रोना या ज्यादा भावुक

बोलने में परेशानी, हाथ-पैर में कमजोरी

तेज सिरदर्द या बार-बार चक्कर आना

इन बातों का रखें ख्याल

बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच

ठंड में पर्याप्त पानी और संतुलित आहार

धूम्रपान, शराब से दूरी, समय पर नींद

असामान्य व्यवहार पर डॉक्टर से संपर्क

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma
"पवन कुमार शर्मा पिछले 3 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। पवन अभी हिन्दुस्तान अख़बार की वेबसाइट Livehindustan.com में काम कर रहे हैं। इससे पहले ABP News में बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाएं और टूरिज्म पर लिखते हैं। पवन ने दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था।" और पढ़ें
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