
कला परीक्षा में छात्रों के सामने ‘सवालों का पहाड़’
Unnao News - उन्नाव जिले के छात्रों के लिए अर्द्धवार्षिक परीक्षा में कला पेपर ने निराशा का माहौल बना दिया। कक्षा 1 से 8 के छात्रों ने महीनों तक कलाकृतियां बनाने की प्रैक्टिस की, लेकिन परीक्षा में चित्र बनाने का कोई अवसर नहीं मिला। शिक्षक और छात्र दोनों ही प्रश्न पत्र के स्वरूप से असमंजस में थे।
उन्नाव। संवाददाता। जिले के छात्रों के लिए अर्द्धवार्षिक परीक्षा का समय हमेशा उत्साह और तैयारी की भावना लेकर आता है, लेकिन इस बार कला (आर्ट) पेपर ने सभी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कक्षा एक से आठ तक के छात्र महीनों से कलाकृतियां और आरेख बनाने की प्रैक्टिस कर रहे थे, लेकिन शनिवार को हुई परीक्षा में उन्हें अपनी कलात्मक क्षमता दिखाने का कोई अवसर नहीं मिला। उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा छह से आठ के 50 अंकों के आर्ट पेपर में कहीं भी चित्र बनाने के निर्देश नहीं दिए गए। परीक्षा में केवल बहुविकल्पीय, दीर्घ, लघु और अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न पूछे गए।
इससे छात्र पहले से ही भ्रमित रहे और शिक्षक भी प्रश्न पत्र देखकर असमंजस में पड़ गए। जिले के 2709 विद्यालयों में आयोजित अर्द्धवार्षिक परीक्षा के चौथे दिन कुल 1,93,415 छात्र उपस्थित रहे। कक्षा 2 से 8 तक पहली पाली में सामाजिक विषय और दूसरी पाली में कला-संगीत की परीक्षा हुई, जबकि कक्षा 1 के छात्रों की परीक्षा मौखिक रूप में आयोजित की गई। मुख्यालय बीईओ संजय यादव ने बताया कि इस प्रकार का प्रश्न पत्र तैयार होने की उन्हें पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि भविष्य में छात्रों को उनकी कलात्मक क्षमता दिखाने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा में छात्रों की मेहनत और तैयारी को नजरअंदाज करना न सिर्फ उनकी आत्मविश्वास पर असर डालता है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी प्रश्न खड़ा करता है। कई छात्रों ने कहा कि वे चित्र बनाने के लिए उत्साहित थे, लेकिन परीक्षा के प्रश्न पत्र ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

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