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78 साल बाद भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के घर जाने वाला रास्ता कच्चा

78 साल बाद भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के घर जाने वाला रास्ता कच्चा

संक्षेप:

Unnao News - उन्नाव के बांगरमऊ नगर का एक ऐतिहासिक रास्ता, जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित विश्वम्भर दयालु त्रिपाठी के निवास को जोड़ता है, वर्षों से कच्चा है। लोग इस मार्ग से गुजरने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय निवासी सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं और धरना प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं।

Dec 13, 2025 09:58 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, उन्नाव
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उन्नाव। आजादी के 78 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन बांगरमऊ नगर का एक ऐतिहासिक रास्ता अब भी विकास की रोशनी का इंतजार कर रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी व जिले के प्रथम सांसद पंडित विश्वम्भर दयालु त्रिपाठी का पैतृक निवास जोड़ने वाला यह मार्ग बरसों से कच्चा ही है। ऐसे में इस रास्ते से आवागमन करने वाले लोग दुश्वारियां झेलने का मजबूर हैं। बांगरमऊ नगर की पश्चिमी बस्ती में नई पानी की टंकी से लेकर बिल्हौर-कटरा बाईपास तक जाने वाला मार्ग करीब 300 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा है। इसके जरिए लोग शीतला देवी मंदिर, बाबा बोधेश्वर मंदिर, ईदगाह और रोडवेज बस स्टेशन तक जाते हैं।

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हालांकि जिम्मेदारों की लापरवाही से यह मार्ग अबतक विकास की बाट जोह रहा है। अबतक इस मार्ग को पक्का नहीं किया जा सका है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों व श्रद्धालुओं को इस गलियारे से गुजरना रोज के संघर्ष जैसा हो गया है। बारिश के मौसम में यहां की हालत ऐसे होती है मानो रास्ता नहीं, तालाब हो, जिससे राहगीर फिसलन व गंदगी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी आशीष, ललित मोहन के मुताबिक इस मार्ग के निर्माण को लेकर सालों से प्रार्थना पत्र देकर थक चुके हैं। अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने सिर्फ आश्वासन दिए, लेकिन अब तक न कोई मिट्टी डली, न सड़क बनी। यहां के राजीव शर्मा बताते हैं कि पंडित विश्वम्भर दयालु त्रिपाठी जैसे त्यागी व राष्ट्रनिष्ठ नेता का नाम इस क्षेत्र से जुड़ा होना अपने आप में सम्मान की बात है, लेकिन यह विडंबना है कि उनके घर तक पहुंचने वाला मार्ग आज भी जर्जर और उपेक्षित है। क्षेत्र के हर प्रतिनिधि ने चुनाव के वक्त इस रास्ते को पक्का कराने का वादा किया, पर जीत के बाद सब भूल गए। अनेक बार नगर और जिला प्रशासन को इस कच्चे गलियारे के निर्माण की मांग पहुंचाई गई, किंतु जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। अब नागरिक अब सड़क निर्माण की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मार्ग की दशा सुधारने का ठोस कदम नहीं उठाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।